राजधानी जयपुर इस बार इतिहास रचने जा रही है, क्योंकि यहां पहली बार सेना दिवस पर होने वाली आर्मी डे परेड का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह परेड भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अनुशासन की झलक दिखाएगी। खास बात यह है कि इस राष्ट्रीय गौरव के कार्यक्रम में आम नागरिक भी प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकेंगे। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक परेड को नजदीक से देख सकें।
जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर 9, 11, 13 और 15 जनवरी 2026 को परेड आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम को लेकर शहर के नागरिकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जो लोग सेना के पराक्रम और आधुनिक युद्धक क्षमताओं को करीब से देखना चाहते हैं, वे कुछ सरल कदमों के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को sso.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपनी SSO ID से लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन के बाद Citizen App सेक्शन में G2C श्रेणी चुनकर “Army Day Parade Registration” विकल्प पर क्लिक करना है। केवल दो कॉलम भरने के बाद पंजीकरण पूरा हो जाता है। एक व्यक्ति अधिकतम दो रजिस्ट्रेशन कर सकता है, इसलिए परिवार या दोस्तों के साथ परेड देखने का मौका भी मिलेगा। जिन लोगों के पास इंटरनेट सुविधा नहीं है, वे ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं।
पंजीकरण के बाद आवेदक को मोबाइल पर पुष्टिकरण संदेश मिलेगा, जिसमें रूट मैप, पार्किंग और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश भी भेजे जाएंगे। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार जिस तारीख की परेड देखना चाहें, उसे चुन सकते हैं। यह सुविधा 6 जनवरी 2026 की शाम से शुरू होकर 14 जनवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम के दिन पंजीकृत दर्शकों को सुबह 8:45 बजे तक परेड स्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा और परेड समाप्त होने से पहले किसी को भी स्थल छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सुरक्षा के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं। परेड स्थल पर ड्रोन, कैमरा, लेडीज़ पर्स, बैग, ज्वलनशील पदार्थ, पाउडर, नुकीली वस्तुएं या किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनुशासन बनाए रखें और बताई गई गाइडलाइंस का पालन करें, ताकि कार्यक्रम सुचारू तरीके से संपन्न हो सके।
जयपुर में आयोजित यह परेड सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि देशभक्ति का अनूठा अवसर भी है। इससे युवाओं में सेना के प्रति सम्मान और प्रेरणा बढ़ेगी, साथ ही आम जनता को यह समझने का मौका मिलेगा कि सीमाओं पर तैनात सैनिक किस तरह राष्ट्र की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाते हैं। सरकार और सेना का यह संयुक्त प्रयास नागरिक भागीदारी को मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देगा।


