मनीषा शर्मा।जयपुर में जारी राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का दूसरा दिन कई मायनों में खास रहा। यहां न केवल देश-दुनिया के ग्लोबल लीडर्स जुटे, बल्कि तकनीक, एआई, गवर्नेंस और इन्वेस्टमेंट से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा देखने को मिली। कार्यक्रम में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई नामी हस्तियां मंच पर नजर आईं।
एआई, इनोवेशन और गवर्नेंस पर गहरी बातचीत
दिनभर चले सेशनों में यह समझने की कोशिश हुई कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह आम लोगों की जिंदगी, बिजनेस और प्रशासन को बदल सकता है। ग्लोबल इनोवेशन मॉडल्स, स्मार्ट गवर्नेंस सिस्टम और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट जैसे विषय समिट के केंद्र में रहे। फायरसाइड चैट, पैनल डिस्कशन और कीनोट सेशनों में विशेषज्ञों ने उदाहरणों के साथ बताया कि तकनीक का सही उपयोग विकास की रफ्तार को कैसे तेज कर सकता है।
स्मृति ईरानी: लीडरशिप लेबल से नहीं, जिम्मेदारी से बनती है
दिन की शुरुआत स्मृति ईरानी के प्रेरक सेशन से हुई। उन्होंने “लीडरशिप बियॉन्ड लेबल्स” विषय पर बातचीत करते हुए कहा कि नेतृत्व केवल पद या पहचान से नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और लगातार सीखते रहने की सोच से मजबूत होता है। उनके अनुभवों ने युवा लीडर्स और स्टार्टअप फाउंडर्स को नई दिशा देने का काम किया।
निवेश और MSME के विकास पर खास चर्चा
दुबई इंटरनेट सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर अमार अल मलिक ने भविष्य के शहरों, डिजिटल इकोसिस्टम और इनोवेशन-ड्रिवन इकॉनमी पर ग्लोबल दृष्टिकोण साझा किया। एमएसएमई से जुड़े सेशन में इस बात पर जोर दिया गया कि छोटे और मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। आंध्रप्रदेश एमएसएमई के चेयरमैन टी. शिवशंकर राव और महाराष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नीतिगत सपोर्ट और डिजिटल टूल्स के जरिए MSME सेक्टर को और मजबूत बनाया जा सकता है।
वीरेंद्र सहवाग: खेल से मिली सीख हर क्षेत्र में काम आती है
पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अपने फायरसाइड चैट में खेल के अनुभवों के जरिए लीडरशिप और माइंडसेट पर बात की। उन्होंने कहा कि दबाव में शांत रहना, टीम पर भरोसा करना और निरंतर प्रदर्शन की कोशिश — यही वे गुण हैं जो मैदान के बाहर भी सफलता दिलाते हैं। उनका सेशन युवाओं और बिजनेस लीडर्स के लिए खास प्रेरणादायक रहा।
एआई और समाज: ‘एल्गोरिद्म्स विद सोल’
टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी के मेल पर भी जोरदार चर्चा हुई। ‘एल्गोरिद्म्स विद सोल’ और ‘सीइंग द इनविजिबल’ जैसे सेशनों में विशेषज्ञों ने बताया कि एआई केवल मशीन नहीं, बल्कि समाज के लिए समाधान तैयार करने का एक बड़ा टूल बन चुका है। एमआईटी के प्रोफेसर रमेश रस्कर और अन्य ग्लोबल एक्सपर्ट्स ने जिम्मेदार और नैतिक एआई के महत्व पर प्रकाश डाला।
एआई के दौर में गवर्नेंस का नया मॉडल
राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के साथ “एआई के दौर में गवर्नेंस” विषय पर अहम डायलॉग हुआ। इस चर्चा में डिजिटल गवर्नेंस, पॉलिसी इनोवेशन और डेटा-ड्रिवन एडमिनिस्ट्रेशन की संभावनाओं पर बात हुई। इसके साथ ही सोशल इम्पैक्ट, दीर्घकालिक निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर भी विचार रखा गया।
दूसरे दिन का पूरा शेड्यूल रहा आकर्षण का केंद्र
5 जनवरी के कार्यक्रम में सुबह 10 बजे स्मृति ईरानी का सेशन, इसके बाद अमार अल मलिक और MSME-केंद्रित चर्चाएं खास रहीं। दोपहर बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ मंच पर दिखे। शाम को लक्ष्यराज सिंह और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के सेशनों ने दिन का समापन किया।


