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वसुंधरा राजे के बयान पर कांग्रेस का वार: अफसरशाही से सरकार पस्त

वसुंधरा राजे के बयान पर कांग्रेस का वार: अफसरशाही से सरकार पस्त

मनीषा शर्मा।  राजस्थान की राजनीति में अफसरशाही का मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है। भाजपा कार्यसमिति की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अधिकारियों के रवैये पर जो टिप्पणी की, अब उसी बयान को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर पलटवार तेज कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि राजे के शब्द उसी सच्चाई की ओर इशारा करते हैं, जिसे विपक्ष लंबे समय से उठाता रहा है—कि राज्य में सरकार से ज्यादा ब्यूरोक्रेसी का दबदबा है।

“ब्यूरोक्रेसी हावी, सरकार कमजोर”—कांग्रेस

राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा कि वसुंधरा राजे का बयान भाजपा शासन की वास्तविक स्थिति उजागर करता है। उनके अनुसार, अफसरशाही के हावी होने से न सिर्फ फैसले देर से हो रहे हैं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की भी लगातार उपेक्षा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी व्यवस्था में जनता की समस्याएँ अनसुनी रह जाती हैं और प्रशासनिक जवाबदेही कमजोर पड़ती है।

दो साल से नहीं सुनी जा रही बात—सारिका सिंह

सारिका सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में स्थिति और ज्यादा बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि न तो भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं की बात सुनी जा रही है और न ही चुने हुए प्रतिनिधियों की। इस वजह से सरकार जनता से पूरी तरह कटती जा रही है। उनका कहना है कि जब राजनीतिक ढांचा कमजोर हो जाए और अफसरशाही मनमर्जी करने लगे, तो शासन-प्रशासन के मूल उद्देश्य पर ही सवाल खड़े हो जाते हैं।

राजे के बयान का राजनीतिक संकेत

भाजपा बैठक में वसुंधरा राजे ने मंच से कहा था कि यदि अधिकारी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाएंगे तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि इस बयान के पीछे गहरी नाराजगी झलकती है और यह दर्शाता है कि सत्ता के भीतर ही संवाद की कमी बढ़ गई है। सारिका सिंह ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री तक को ऐसी बात सार्वजनिक रूप से कहनी पड़ रही है, तो आम कार्यकर्ता और जनता किस स्थिति से गुजर रहे होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

जनता में बढ़ रही निराशा

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि इस खींचतान का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। युवाओं, महिलाओं और रोजगार की उम्मीद लगाए बैठी जनता के लिए योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुँच पा रहा। सारिका सिंह के मुताबिक, लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और सरकार पर से भरोसा लगातार कमजोर पड़ रहा है।

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