राजस्थान की राजनीति में बयानबाजी तेज होती जा रही है। भाजपा के शिव विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे स्वरूप सिंह खारा द्वारा दुपट्टा बबूल की झाड़ियों में फेंकने संबंधी बयान पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने करारा जवाब दिया है। भाटी ने कहा कि कई लोग उनके नाम पर टीआरपी बटोर रहे हैं और उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि जितनी टीआरपी लूट सकते हो, लूटो, लेकिन अभी और मेहनत करने की जरूरत है।
भाटी बाड़मेर शहर में आयोजित पुष्करणा समाज की खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा नेता खारा के बयान पर प्रतिक्रिया दी।
“मेरे नाम पर TRP मिल रही है तो लेने दो”
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि अगर कुछ लोगों को उनके नाम से टीआरपी मिल रही है तो उन्हें लेने दिया जाए। उन्होंने कहा कि राजनीति में यह सब चलता रहता है, लेकिन उन्हें इस तरह की बयानबाजी से कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका ध्यान केवल जनता के मुद्दों और क्षेत्र के विकास पर है।
भाटी ने साफ किया कि वे व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी में विश्वास नहीं रखते। उनका प्रयास हमेशा यही रहता है कि अपनी लकीर को लंबा किया जाए, न कि किसी और की लकीर को छोटा करने की कोशिश की जाए।
परिवार को लेकर दिए गए बयानों पर जवाब
अपने परिवार को लेकर उठाए गए सवालों पर भाटी ने विस्तार से स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में बाड़मेर जिले में बहुत कम सरकारी कर्मचारी हुआ करते थे। उनके दादा आबकारी विभाग में नौकरी करते थे, पिता आज भी सरकारी शिक्षक हैं और चाचा ने सरपंच का चुनाव लड़ा था।
भाटी ने सवाल उठाया कि उनकी जानकारी में संविधान में ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें सरपंचों को पार्टी का चुनाव चिन्ह दिया जाता हो। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि उनके परिवार को लेकर किस आधार पर टिप्पणी की गई। इस पर भाजपा नेता को खुद आत्ममंथन करना चाहिए।
जनता के समर्थन को बताया अपनी ताकत
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि आजादी के समय न तो भाजपा थी और न ही कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियां मौजूदा स्वरूप में थीं। उन्होंने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में अगर किसी ने उनका साथ दिया तो वह शिव की जनता थी। इसी तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर की जनता ने उनका समर्थन किया।
उन्होंने खुद को जनता का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति का आधार जनता का भरोसा है, न कि किसी पार्टी का दबाव या व्यक्तिगत बयानबाजी।
दुपट्टा फेंकने के आरोप को हंसते हुए टाला
बीजेपी दुपट्टा बबूल की झाड़ियों में फेंकने के आरोप के सवाल पर भाटी ने हंसते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों को आरोप लगाने दो और राजी रहने दो। उनका कहना था कि जब तक ईश्वर का आशीर्वाद और देवतुल्य जनता का साथ उनके साथ है, तब तक उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।


