अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और सेमी हाई-स्पीड श्रेणी में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में भी बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार सामने आ रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में संचालित वंदे भारत ट्रेनों में बीते एक साल के दौरान बड़ी संख्या में यात्री बिना वैध टिकट पकड़े गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रीमियम ट्रेन होने के बावजूद कुछ यात्री नियमों की अनदेखी कर ट्रेन में चढ़ जाते हैं, लेकिन पकड़े जाने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सामान्य ट्रेनों से कहीं सख्त हैं नियम
भारतीय रेलवे में आमतौर पर मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में बिना टिकट पाए जाने पर 250 रुपए का जुर्माना और संबंधित दूरी का किराया वसूला जाता है। जुर्माना चुकाने के बाद टीटीई यात्री को टिकट जारी कर देता है। लेकिन वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में नियम इससे कहीं अधिक सख्त हैं। यहां बिना टिकट पकड़े जाने पर यात्रियों से केवल किराया ही नहीं, बल्कि उसके बराबर एक्सेस फेयर यानी पेनल्टी और उस पर लागू जीएसटी भी वसूली जाती है।
दो वंदे भारत ट्रेनों में सबसे ज्यादा मामले
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में संचालित अजमेर-चंडीगढ़-अजमेर और जोधपुर-साबरमती-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में सबसे ज्यादा बिना टिकट यात्री पकड़े गए हैं। जांच के दौरान कई यात्री गलती से ट्रेन में चढ़ने, जल्दबाजी या किसी इमरजेंसी का हवाला देकर जुर्माने से बचने की कोशिश करते हैं। हालांकि प्रीमियम ट्रेनों में रेलवे ऐसे किसी बहाने को स्वीकार नहीं करता और नियमानुसार पूरी राशि वसूलता है।
जुर्माने से रेलवे को मिला बड़ा राजस्व
राजस्थान में जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर से दिल्ली, चंडीगढ़, साबरमती, उदयपुर और आगरा के लिए कुल 12 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी से 30 दिसंबर के बीच इन ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से कुल 89 लाख 89 हजार 773 रुपए वसूले गए। इसमें 46.12 लाख रुपए किराया, 39.55 लाख रुपए पेनल्टी और करीब 3 लाख रुपए जीएसटी के रूप में शामिल हैं।
दोगुना किराया और टैक्स देना पड़ रहा भारी
वंदे भारत ट्रेन में बिना टिकट पकड़े जाने पर यात्रियों से प्रीमियम दरों पर शुल्क वसूला जाता है। इसका मतलब यह है कि जितना किराया बनता है, उतनी ही राशि एक्सेस फेयर के रूप में अतिरिक्त देनी पड़ती है। इसके साथ ही कुल रकम पर जीएसटी भी लगाया जाता है। इस कारण यात्रियों को कई बार दोगुनी से ज्यादा राशि चुकानी पड़ रही है, जो आम ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक है।
न्यूनतम पेनल्टी की गलतफहमी बन रही वजह
कई यात्री अभी भी यह मानकर वंदे भारत ट्रेन में बिना टिकट चढ़ जाते हैं कि पकड़े जाने पर केवल 250 रुपए का जुर्माना देना होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यही गलतफहमी यात्रियों को महंगी पड़ रही है। प्रीमियम ट्रेनों के लिए अलग नियम लागू होते हैं और बिना टिकट यात्रा करने वालों से किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाती।


