मनीषा शर्मा। अजमेर के हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में 21 दिसंबर 2025 को हुई एक बड़ी वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। दोपहर करीब पौने चार बजे पावर हाउस के पास मुख्य सड़क पर तीन बदमाशों ने दिनदहाड़े कार पर हमला किया और कथित रूप से 46 लाख रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए। वारदात जिस तरह से भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई, उसने स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
घटना के अनुसार, रामगंज निवासी हरसिमरन सोढ़ी अपनी कार में पैसे लेकर जा रहे थे। इसी दौरान बोलेरो सवार तीन बदमाश अचानक वहां पहुंचे। कार के पास आते ही उन्होंने ड्राइवर साइड के दोनों शीशों पर डंडों से प्रहार किया। शीशे टूटते ही बदमाशों ने हरसिमरन को धक्का देकर बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद कार में रखी नकदी उठाई और कुछ ही मिनटों में मौके से भाग निकले। घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन बदमाश तब तक दूर निकल चुके थे।
10 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि पीड़ित ने घटना के करीब 10 दिन बाद हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच अधिकारी एएसआई जयलाल मीणा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया। पहले कार को रोकना, फिर शीशे तोड़कर सीधे नकदी पर हाथ साफ करना—इन सब से पुलिस को लग रहा है कि लुटेरों को पहले से जानकारी थी कि कार में बड़ी रकम रखी है।
पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट और मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से बदमाशों की पहचान और उनके मूवमेंट का पता लगाया जा रहा है।
46 लाख की रकम पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कार में रखी 46 लाख रुपये की नकदी हरसिमरन के परिचित रवि की थी। रवि घर पर ताला लगाकर अपने निजी काम से बाहर गया हुआ था, इसलिए उसने रकम सुरक्षा के लिए हरसिमरन के पास रखवा दी। लेकिन इतनी बड़ी नकदी के स्रोत को लेकर पुलिस अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
जांच अधिकारी जयलाल मीणा ने कहा कि पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह रकम कहां से आई और क्या इसके लिए कोई वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इस एंगल से भी अलग से जांच की जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के निर्देशन में कई टीमें बनाई गई हैं, जो संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और संभावित लुटेरों के बारे में सुराग जुटा रही हैं।


