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राजस्थान बीजेपी का बड़ा फैसला: राखी राठौड़ बनीं महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष

राजस्थान बीजेपी का बड़ा फैसला: राखी राठौड़ बनीं महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष

शोभना शर्मा।  राजस्थान बीजेपी ने नए साल की शुरुआत के साथ ही संगठन में एक अहम और दूरगामी असर डालने वाला फैसला लिया है। 1 जनवरी 2026 को पार्टी ने प्रदेश महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद पर राखी राठौड़ की नियुक्ति कर दी। यह पद बीते करीब 11 महीनों से खाली पड़ा हुआ था, जिसको लेकर संगठन के भीतर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। अब इस नियुक्ति के बाद पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि महिला मोर्चा को नई ऊर्जा, दिशा और मजबूती मिलेगी।

महिला मोर्चा का अध्यक्ष पद लंबे समय से रिक्त रहने के कारण संगठनात्मक गतिविधियां अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही थीं। ऐसे में नए साल पर इस पद को भरना बीजेपी की रणनीतिक प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। पार्टी ने ऐसे समय में राखी राठौड़ को जिम्मेदारी सौंपी है, जब आने वाले वर्षों में पंचायत, निकाय और विधानसभा स्तर पर महिला वोट बैंक की भूमिका और भी निर्णायक होने वाली है।

राखी राठौड़ पेशे से वकील हैं और राजनीतिक हलकों में उन्हें एक संतुलित लेकिन प्रभावशाली वक्ता के रूप में जाना जाता है। उनकी पहचान नरम भाषा, तार्किक बहस और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के लिए रही है। इससे पहले वे राजस्थान बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर अहम भूमिका निभा चुकी हैं। मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने का उन्हें अच्छा अनुभव है, जिसका लाभ महिला मोर्चा को भी मिलने की उम्मीद की जा रही है।

संगठनात्मक अनुभव की बात करें तो राखी राठौड़ का सफर सिर्फ प्रवक्ता पद तक सीमित नहीं रहा। वे नगर निगम में पार्षद रह चुकी हैं और जयपुर ग्रेटर नगर निगम की उद्यान एवं पर्यावरण समिति की चेयरपर्सन के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने शहरी विकास, पर्यावरण और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें एक अनुभवी और जमीन से जुड़ा चेहरा मानता है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस नियुक्ति के पीछे बीजेपी की दोहरी रणनीति साफ नजर आती है। पहला लक्ष्य महिला मोर्चा को फिर से सक्रिय और मजबूत करना है, ताकि संगठन की महिला इकाई हर जिले और मंडल स्तर तक प्रभावी ढंग से काम कर सके। दूसरा लक्ष्य ऐसा नेतृत्व सामने लाना है, जो विवादों से दूर रहकर सभी वर्गों और समूहों को साथ लेकर चल सके। राखी राठौड़ इस कसौटी पर खरी उतरती नजर आईं।

इस पद को लेकर लंबे समय से अलग-अलग सामाजिक वर्गों के नाम चर्चा में थे। राजपूत, वैश्य और ब्राह्मण समाज से जुड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे थे, लेकिन अंततः राखी राठौड़ के नाम पर सर्वसम्मति बनी। खास बात यह रही कि उनकी नियुक्ति पर किसी भी बड़े वर्ग या गुट की ओर से विरोध नहीं देखने को मिला। यह संकेत देता है कि पार्टी इस समय संगठनात्मक एकजुटता और संतुलन को प्राथमिकता दे रही है।

राखी राठौड़ की नियुक्ति से बीजेपी को महिला समूहों और शहरी महिला मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने नगर निगम और प्रदेश संगठन में काम करते हुए महिलाओं से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि वे महिला मोर्चा को केवल औपचारिक इकाई न बनाकर उसे जमीनी स्तर पर सक्रिय संगठन में बदलने की दिशा में काम करेंगी।

राजस्थान बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी में यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब पार्टी संगठन को नए सिरे से धार देने की कोशिश कर रही है। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अन्य मोर्चों और प्रकोष्ठों के प्रमुखों की नियुक्तियां की थीं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष की घोषणा के साथ ही संगठनात्मक ढांचे को लगभग पूरा कर लिया गया है।

पार्टी कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल है। महिला कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि अब उनके मुद्दे ज्यादा मजबूती से संगठन और सरकार के सामने रखे जाएंगे। आगामी समय में महिला मोर्चा से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, अभियान और जनसंपर्क गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

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