मनीषा शर्मा। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने वर्ष 2026 के लिए पुलिस विभाग की व्यापक रोडमैप और प्राथमिकताओं का खाका प्रस्तुत किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आने वाले वर्ष में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और तकनीक-सक्षम बनाने पर फोकस रहेगा। उनका मानना है कि यदि पुलिस प्रणाली नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनती है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था स्वाभाविक रूप से मजबूत होगी और लोगों का भरोसा भी गहरा होगा।
संगठित अपराध और संवेदनशील वर्गों के प्रति अपराध पर जीरो टॉलरेंस
डीजीपी शर्मा के अनुसार अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में सबसे बड़ी प्राथमिकता संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे नेटवर्क न केवल सामाजिक शांति को प्रभावित करते हैं, बल्कि युवाओं को भी अपराध के रास्ते पर धकेलते हैं। इसलिए इन पर ठोस, समन्वित और सख्त अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को एक साथ लेकर चलना होगा। इससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा और अपराधियों को सख्त संदेश जाएगा।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार
राज्य में बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। डीजीपी ने साफ कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को मजबूत करना पुलिस की अहम जिम्मेदारी है। इसके लिए वैज्ञानिक ट्रैफिक मैनेजमेंट, हेलमेट-सीटबेल्ट पालन, नशे में ड्राइविंग पर नियंत्रण और हाई-रिस्क जोन्स की पहचान जैसे कदम तेज किए जाएंगे। लक्ष्य केवल challan बढ़ाना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान को कम करना है।
साइबर अपराध के खिलाफ तकनीक-आधारित रणनीति
डिजिटल दुनिया के विस्तार के साथ साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बैंक फ्रॉड से लेकर ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और डेटा चोरी तक — अपराधियों के तौर-तरीके लगातार बदल रहे हैं। डीजीपी शर्मा ने बताया कि 2026 में तकनीकी रूप से सक्षम साइबर जांच, विशेष प्रशिक्षण और आधुनिक टूल्स के उपयोग पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि वे डिजिटल ठगी से खुद को बचा सकें।
प्रशासनिक सुधार: जनसहभागिता और पारदर्शिता पर फोकस
प्रशासनिक स्तर पर डीजीपी ने स्पष्ट संकेत दिए कि पुलिस-जन संबंधों को नई दिशा दी जाएगी। जनसुनवाई, सोशल प्लेटफॉर्म और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए नागरिकों से सीधा संवाद बढ़ाया जाएगा। इससे पुलिस व्यवस्था अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और जवाबदेह बन सकेगी। पुलिस कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग, स्मार्ट रिपोर्टिंग सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही पुलिस कर्मियों के कल्याण, प्रशिक्षण और कार्यदशा सुधार को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, ताकि वे बेहतर मानसिक और शारीरिक स्थिति में जनता की सेवा कर सकें।
पुलिस-समाज साझेदारी की नई दिशा
पुलिस परिसरों में सामुदायिक सेवाओं को बढ़ावा देने की योजना भी इस रोडमैप का हिस्सा है। इससे स्थानीय समाज और पुलिस के बीच सहयोग मजबूत होगा। चाहे अपराध जागरूकता हो, ट्रैफिक अनुशासन या नशा-मुक्ति अभियान — हर क्षेत्र में पुलिस साझेदारी मॉडल के साथ आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
मजबूत और जवाबदेह पुलिसिंग की ओर कदम
डीजीपी शर्मा ने विश्वास जताया कि इन प्राथमिकताओं का प्रभावी क्रियान्वयन होने पर 2026 में राजस्थान पुलिस और अधिक जनहितकारी, सक्षम और उत्तरदायी बनकर उभरेगी। इससे न केवल कानून-व्यवस्था सुदृढ़ होगी बल्कि नागरिकों में पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।


