मनीषा शर्मा। जयपुर के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक बनने जा रहा है, क्योंकि पहली बार आर्मी डे परेड सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर आयोजित हो रही है। 15 जनवरी 2026 को आर्मी डे की मुख्य परेड महल रोड (जगतपुरा) पर होगी। इससे पहले 9, 11 और 13 जनवरी को इसका रिहर्सल रखा गया है, जिसे आम लोग भी नजदीक से देख सकेंगे। प्रशासन का अनुमान है कि हर दिन करीब डेढ़ लाख लोग इस भव्य आयोजन के साक्षी बन सकते हैं।
परेड की तैयारियों के साथ ही 1 जनवरी 2026 से महल रोड पर ट्रैफिक सिस्टम में बड़े बदलाव लागू कर दिए जाएंगे। सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक एनआरआई चौराहा से बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहा तक सामान्य यातायात बंद रहेगा। इस पूरे सेक्शन में सिर्फ आयोजन से जुड़े वाहन और सुरक्षा बल ही प्रवेश कर सकेंगे।
ट्रैफिक डायवर्जन: लोगों से अपील, योजना बनाकर निकलें
इस बदलाव का असर आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों पर पड़ेगा। उन्हें अब महल रोड के समानांतर मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। आवासीय कॉलोनियों के छोटे गेट और कट इस दौरान महल रोड से नहीं जुड़ पाएंगे। खाटूश्याम सर्किल से एनआरआई चौराहा और अक्षयपात्र की ओर जाने वाला ट्रैफिक, एनआरआई चौराहा पहुंचने से पहले हल्दीघाटी मार्ग और वीआईटी रोड की तरफ डायवर्ट रहेगा। इसी तरह विधाणी चौराहा से बॉम्बे हॉस्पिटल की ओर जाने वाले वाहन केन्द्रीय विहार मार्ग पर शिफ्ट किए जाएंगे।
यदि ट्रैफिक दबाव बढ़ गया तो विधाणी चौराहा से वाहनों को महात्मा गांधी रोड की ओर मोड़ा जाएगा। राणा सांगा मार्ग से अक्षयपात्र और महल रोड की दिशा में आने वाला यातायात द्वारकापुरा सर्किल या गौतम बुद्ध सर्किल से समानांतर मार्गों पर डाइवर्ट किया जाएगा। वहीं गोनेर रोड से आने वाले वाहनों को डी-मार्ट सर्किल से दूसरे मार्ग दिए जाएंगे। कार्यक्रम में शामिल होने वाले आम नागरिकों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी तय कर दी गई है। वाहन हल्दीघाटी मार्ग और राणा सांगा मार्ग के निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े किए जा सकेंगे।
परेड में दिखेगी आधुनिक सेना की ताकत
आर्मी डे परेड सिर्फ परेड भर नहीं, बल्कि सेना की आधुनिक शक्ति और अनुशासन का प्रतीक बनकर सामने आएगी। इसमें लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की फ्लाई-पास्ट, विभिन्न रेजीमेंट्स की मार्चिंग टुकड़ियां, टैंक, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और युद्ध उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। परेड का खास आकर्षण नेपाल आर्मी बैंड की प्रस्तुति रहेगी। इस आयोजन का उद्देश्य सेना और नागरिकों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाना तथा युवाओं में राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरणा जगाना है।
‘शौर्य संध्या 2026’ — ड्रोन शो और सम्मान समारोह
15 जनवरी की शाम एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या 2026’ आयोजित होगी। इसका पूर्वाभ्यास 10 जनवरी को होगा। इस कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों का सम्मान, पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन और ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित लाइट एंड साउंड शो शामिल रहेगा। सबसे बड़ा आकर्षण 1000 ड्रोन का भव्य शो होगा, जो आकाश में देश की सैन्य शौर्य गाथा को दर्शाएगा।
‘नो योर आर्मी’ — सेना को नजदीक से समझने का मौका
8 से 12 जनवरी 2026 तक भवानी निकेतन कॉलेज परिसर (सीकर रोड) में ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यहां आम लोग सेना के आधुनिक हथियार, तकनीकी सिस्टम, संचार उपकरण और सुरक्षा तंत्र को करीब से देख और समझ सकेंगे। यह पहल युवाओं के लिए खास तौर पर प्रेरणादायक साबित होगी, क्योंकि उन्हें भर्ती, प्रशिक्षण और सेना के दैनिक कार्य प्रणाली के बारे में भी जानकारी मिलेगी।


