latest-newsअजमेरक्राइमराजस्थान

दरगाह अजमेर में फूल-चादर की दुकान को लेकर हिंसा, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

दरगाह अजमेर में फूल-चादर की दुकान को लेकर हिंसा, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

शोभना शर्मा।  अजमेर शरीफ दरगाह परिसर में फूल और चादर की एक दुकान को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद मंगलवार रात अचानक हिंसक संघर्ष में बदल गया। दरगाह जैसे संवेदनशील और धार्मिक स्थल पर हुई इस वारदात से इलाके में दहशत और अफरातफरी का माहौल बन गया। दो पक्षों के बीच हुए इस टकराव में एक खादिम पर धारदार हथियारों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जबकि उनके साथ मौजूद एक जायरीन भी घायल हो गया। पूरी घटना दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

घटना में खादिम सैयद तालिब हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके हाथ में गहरी चोट आई है, जबकि गले पर किए गए जानलेवा हमले से वह बाल-बाल बच गए। तालिब के साथ मौजूद मुंबई निवासी जायरीन अजहर के पैर में भी चोट आई है। आरोप है कि हमलावरों ने चाकू, लोहे की रॉड और बेसबॉल के डंडे से हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला अचानक और बेहद आक्रामक था, जिससे कुछ देर के लिए दरगाह परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

घायल सैयद तालिब हुसैन ने बताया कि वह मगरिब की नमाज अदा करने के बाद जायरीन के साथ दरगाह से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान तीन से चार लोगों ने उन्हें घेर लिया और बिना किसी चेतावनी के हमला शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए तालिब मोहम्मदी गेस्ट हाउस की ओर भागे, लेकिन हमलावर वहां भी उनका पीछा करते हुए पहुंच गए। आरोप है कि गेस्ट हाउस के अंदर भी उन पर हमला जारी रखा गया। जब एक हमलावर ने गले पर चाकू से वार करने की कोशिश की तो तालिब ने हाथ से उसे रोकने का प्रयास किया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट आई।

घटना की सूचना मिलते ही घायल के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में सैयद तालिब हुसैन को तुरंत जेएलएन अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, तालिब की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चोटें गहरी होने के कारण उन्हें निगरानी में रखा गया है। घायल जायरीन अजहर को भी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।

मामले की जानकारी मिलते ही दरगाह थाना पुलिस सक्रिय हुई। एएसआई गिरधारी लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अस्पताल में सैयद तालिब हुसैन के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पर्चा बयान ले लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

घायल खादिम के पिता सैयद गौसुल इस्लाम ने इस विवाद की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि लंगरखाना मुसाफिर खाना के पास स्थित शॉप नंबर-8 वर्ष 1978 में उनकी मां के नाम अलॉट हुई थी। वर्ष 1985 में मां के इंतकाल के बाद दरगाह कमेटी ने यह दुकान बड़े बेटे होने के नाते उनके नाम कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दूर के रिश्तेदारों ने रिश्तेदारी का हवाला देकर दुकान को संयुक्त रूप से चलाने की बात कही और पिछले करीब तीन वर्षों से दुकान पर कब्जा कर रखा है।

सैयद गौसुल इस्लाम का कहना है कि जब दुकान चलाने की बारी बदलने की बात आई तो दूसरे पक्ष ने दुकान सौंपने से साफ इनकार कर दिया। इस विवाद को लेकर वर्ष 2022 में लीगल नोटिस भी दिया गया था। उस समय हुई बैठक में बारी-बारी से दुकान चलाने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद से लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

गौसुल इस्लाम ने बताया कि 27 जून, 20 नवंबर और 17 दिसंबर को उन्होंने इस मामले में एसपी और कलेक्टर को लिखित शिकायतें दी थीं। साथ ही जान से मारने की धमकियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि पुलिस ने पहले ही सख्त कदम उठाए होते तो यह हिंसक घटना टाली जा सकती थी।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading