शोभना शर्मा। राजस्थान में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और मौसम का मिजाज दिन-ब-दिन बदलता नजर आ रहा है। एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव तेज हो रहा है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिमी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में बारिश और मावठ की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश, मेघगर्जन, घना कोहरा और इसके बाद कड़ाके की ठंड पड़ने की पूरी संभावना है।
दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से जालोर जिले में कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। हालांकि यह बारिश तेज नहीं रही, लेकिन हल्की फुहारों के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों में काम कर रहे किसानों को भी मौसम के इस बदलाव का असर झेलना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से चल रही दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के चलते रात की सर्दी में आंशिक राहत जरूर मिली है, लेकिन दिन के समय ठंड का अहसास अब भी बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसका असर राजस्थान तक देखने को मिलेगा। बुधवार को बीकानेर, जोधपुर, अजमेर संभाग और शेखावटी क्षेत्र के जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या मावठ होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है।
नए साल की शुरुआत भी बारिश और बदले मौसम के साथ हो सकती है। मौसम विभाग ने 1 जनवरी 2026 के लिए भी अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ भागों में हल्की मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे नए साल पर यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासकर सुबह और देर रात के समय सड़कों पर कोहरा और नमी के कारण दृश्यता कम हो सकती है।
हालांकि मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2 जनवरी से प्रदेश में मौसम फिर से शुष्क हो सकता है। लेकिन शुष्क मौसम के साथ ठंड का असर और तेज होने की आशंका जताई गई है। राज्य के उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में 1 से 3 जनवरी के दौरान घना कोहरा और कहीं-कहीं अतिघना कोहरा दर्ज किया जा सकता है। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ सकता है।
शेखावटी क्षेत्र के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार 3 और 4 जनवरी के दौरान इस क्षेत्र में शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। सीकर, झुंझुनूं और चूरू जैसे जिलों में कड़ाके की ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। पहले से ही इन क्षेत्रों में सर्दी का प्रकोप अधिक रहता है, ऐसे में शीतलहर से जनजीवन और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 2 जनवरी तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है। इसका कारण बादलों की मौजूदगी और हवाओं का रुख बताया जा रहा है। लेकिन 3 जनवरी के बाद जैसे ही आसमान साफ होगा, एक बार फिर ठंड अपना असर दिखाएगी और तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हल्की बारिश और मावठ रबी फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, खासकर गेहूं, सरसों और चने की फसल के लिए। हालांकि अधिक नमी और लंबे समय तक कोहरा रहने से फसलों में रोग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है। किसानों को मौसम पर नजर रखते हुए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।


