शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति एक बार फिर तीखी बयानबाजी के कारण गरमा गई है। इस बार विवाद का केंद्र बने हैं भजनलाल सरकार के मंत्री सुमित गोदारा, जिनके एक बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंत्री गोदारा पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी भाषा, सोच और राजनीतिक स्तर पर सवाल खड़े किए हैं। यह विवाद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई के बहाने शुरू हुआ, लेकिन अब यह सीधे राहुल गांधी और भाजपा-कांग्रेस के बीच वैचारिक टकराव तक पहुंच गया है।
दरअसल, जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान जब पत्रकारों ने मंत्री सुमित गोदारा से रेहान वाड्रा की सगाई को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने जवाब देते हुए राहुल गांधी की शादी को लेकर टिप्पणी कर दी। गोदारा ने कहा कि सगाई होना अच्छी बात है और शादी भी होनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी शादी करें और शादी के बाद वे सही रास्ते पर चलेंगे, क्योंकि अभी वे सही नहीं चल रहे हैं। इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस नेताओं ने इसे निजी जीवन पर अनावश्यक टिप्पणी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्री सुमित गोदारा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल सरकार के मंत्री कर रहे हैं, वह उनकी सोच और संस्कारों को दर्शाता है। डोटासरा ने सीधे तौर पर आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की बातें आरएसएस की पाठशाला में सिखाई जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और मंत्रियों की राजनीति अब व्यक्तिगत टिप्पणियों और निम्न स्तर की बयानबाजी तक सिमट कर रह गई है।
डोटासरा ने सवाल उठाया कि आखिर किसी मंत्री को यह अधिकार किसने दिया कि वह किसी के निजी जीवन पर टिप्पणी करे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के एक बड़े नेता हैं और उनके निजी फैसलों पर इस तरह की टिप्पणी न केवल अशोभनीय है, बल्कि राजनीतिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है। डोटासरा ने आगे कहा कि राज्य सरकार के पास विकास का कोई विजन नहीं है, न युवाओं के लिए रोजगार की ठोस नीति है और न ही महंगाई व कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कोई ठोस काम दिख रहा है। इसी वजह से सरकार के मंत्री ध्यान भटकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
इस विवाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी मंत्री सुमित गोदारा पर तीखा हमला बोला। खाचरियावास ने कहा कि सुमित गोदारा जैसे मंत्रियों को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हुए शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर नेता और हर मंत्री को अपनी एक मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, विचारधाराओं का टकराव भी स्वाभाविक है, लेकिन निजी जीवन पर टिप्पणी करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
खाचरियावास ने भाजपा को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर भाजपा नेता और मंत्री ओछी भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो उन्हें वैसा ही जवाब भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों के निजी जीवन पर फालतू की बातें करते हैं, उन्हें पहले खुद के बारे में भी सोच लेना चाहिए। खाचरियावास ने साफ शब्दों में कहा, “ओछा बोलोगे तो ओछा सुनोगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और तेज हो गई है।
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई की खबरें सामने आईं। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हुई, लेकिन मंत्री सुमित गोदारा की टिप्पणी ने इस निजी पारिवारिक आयोजन को सियासी रंग दे दिया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं के पास जनता के मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वे व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों को राजनीति का विषय बना रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के निजी जीवन को लेकर टिप्पणी करना भाजपा की पुरानी रणनीति का हिस्सा है। समय-समय पर भाजपा नेता इस तरह के बयान देकर मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं। वहीं भाजपा खेमे में इसे हल्के-फुल्के बयान के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन बता रही है।


