शोभना शर्मा। आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन सिर्फ कॉल या मैसेज का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह आपकी पूरी डिजिटल पहचान की चाबी बन चुका है। बैंकिंग, UPI, ईमेल, सोशल मीडिया और कई जरूरी ऐप्स सीधे आपके मोबाइल नंबर से जुड़े होते हैं। ऐसे में अगर आपका सिम कार्ड किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए, तो इसका नुकसान लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि आजकल सिम स्वैप के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं।
सिम स्वैप फ्रॉड में ठग आपके मोबाइल नंबर पर कब्जा कर लेते हैं। इसके बाद वे OTP हासिल करके बैंक अकाउंट, UPI और सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में कुछ ही मिनटों में पूरा बैंक अकाउंट खाली कर दिया जाता है। हालांकि, इस तरह की ठगी से बचने का एक बेहद आसान और असरदार तरीका है, जिसे SIM Lock कहा जाता है।
क्या होता है SIM Lock
SIM Lock को आप अपने सिम कार्ड पर लगने वाला एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच मान सकते हैं। जब आप सिम लॉक ऑन करते हैं, तो सिम कार्ड को इस्तेमाल करने के लिए 4 अंकों का एक खास PIN जरूरी हो जाता है। बिना इस PIN के न तो कॉल की जा सकती है और न ही नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर कोई आपका सिम निकालकर किसी दूसरे फोन में डाल दे या आपका फोन रीस्टार्ट हो जाए, तो नेटवर्क आने से पहले सिम PIN डालना जरूरी होगा। बिना PIN के सिम पूरी तरह बेकार रहेगा।
सिम स्वैप फ्रॉड में कैसे मदद करता है SIM Lock
सिम स्वैप फ्रॉड करने वालों की सबसे पहली कोशिश आपके फोन नंबर पर कंट्रोल पाने की होती है। एक बार नंबर उनके हाथ लग जाए, तो बैंकिंग और UPI से जुड़े OTP हासिल करना बेहद आसान हो जाता है। SIM Lock इस कोशिश को नाकाम कर देता है। अगर आपके सिम पर लॉक लगा है, तो कोई भी न तो आपका सिम इस्तेमाल कर सकता है और न ही आसानी से डुप्लीकेट सिम निकलवा सकता है। सिम लॉक होने की स्थिति में ठग न कॉल कर पाते हैं, न मैसेज और न ही OTP हासिल कर पाते हैं। इस तरह यह फीचर सिम स्वैप फ्रॉड के खिलाफ रामबाण इलाज साबित होता है।
SIM Lock से क्या-क्या सुरक्षित होता है
SIM Lock लगाने से सिर्फ आपका फोन नंबर ही सुरक्षित नहीं होता, बल्कि आपकी पूरी डिजिटल लाइफ पर इसका सीधा असर पड़ता है। इससे आपके बैंक अकाउंट और UPI ट्रांजैक्शन सुरक्षित हो जाते हैं। OTP आधारित लॉगइन वाले ऐप्स जैसे WhatsApp, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट भी सुरक्षित रहते हैं। आज के समय में ज्यादातर ऑनलाइन सेवाएं OTP आधारित वेरिफिकेशन पर चलती हैं। ऐसे में SIM Lock आपकी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।
SIM Lock कैसे सेट करें
अपने फोन में SIM Lock लगाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी ऐप या अतिरिक्त खर्च की जरूरत नहीं होती। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने मोबाइल ऑपरेटर के डिफॉल्ट SIM PIN की जानकारी होनी चाहिए। आमतौर पर यह 0000 या 1234 होता है, हालांकि यह ऑपरेटर के हिसाब से अलग भी हो सकता है।
- एंड्रॉयड फोन में SIM Lock सेट करने के लिए सबसे पहले Settings में जाएं।
इसके बाद Security & Privacy या Security सेक्शन को ओपन करें।
यहां आपको SIM Lock या SIM Card Lock का विकल्प दिखाई देगा।
अब SIM PIN Lock को ऑन करें और ऑपरेटर का डिफॉल्ट PIN डालें।
इसके बाद अपना नया 4 अंकों का PIN सेट करें। - नया PIN ऐसा चुनें जो आपको आसानी से याद रहे, लेकिन दूसरों के लिए अनुमान लगाना मुश्किल हो।
SIM Lock ऑन करने के बाद क्या बदलेगा
एक बार SIM Lock ऑन हो जाने के बाद अगर आपका फोन रीस्टार्ट होता है या सिम किसी दूसरे फोन में लगाया जाता है, तो नेटवर्क मिलने से पहले PIN डालना जरूरी होगा। बिना PIN डाले सिम एक्टिव नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि अगर आपका फोन या सिम चोरी भी हो जाए, तो ठग न कॉल कर पाएंगे, न OTP हासिल कर पाएंगे और न ही आपके नंबर का गलत इस्तेमाल कर सकेंगे।
क्यों जरूरी है SIM Lock
आज के समय में जब ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, SIM Lock जैसी छोटी सी सेटिंग आपकी बड़ी परेशानी से रक्षा कर सकती है। यह न सिर्फ आपके पैसों को सुरक्षित रखती है, बल्कि आपकी डिजिटल पहचान को भी सुरक्षित बनाती है।


