शोभना शर्मा। राजस्थान के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल जोधपुर रेलवे स्टेशन आने वाले समय में पूरी तरह नए स्वरूप में नजर आएगा। करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से यहां वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है, जो न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बल्कि जोधपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत करेगा। यह स्टेशन भविष्य में यात्रियों के लिए सुविधा, सुरक्षा और आधुनिकता का प्रतीक बनेगा।
रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ शर्मा ने जोधपुर रेल मंडल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के नए भवन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
आधुनिक सुविधाओं से बदलेगा स्टेशन का स्वरूप
नए जोधपुर रेलवे स्टेशन को पूरी तरह आधुनिक यात्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। स्टेशन पर रूफ प्लाजा यानी कन्कोर्स का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही अलग से डिपार्चर हॉल बनाया जाएगा, जिससे भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और यात्रियों को अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा।
स्टेशन परिसर में मल्टी-लेवल कार पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जा रही है। इससे निजी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध होगी और स्टेशन के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी। इसके अलावा स्टेशन को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जा रहा है, ताकि सभी वर्गों के यात्री आसानी से सफर कर सकें।
निर्माण कार्य में आई चुनौतियों को किया गया पार
इस बड़े प्रोजेक्ट के दौरान कई तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आईं। खासकर स्टेशन भवन के भीतर पानी और सीवर लाइनों की शिफ्टिंग जैसे जटिल कार्य समय लेने वाले थे। हालांकि, रेलवे अधिकारियों के अनुसार ये कार्य अब लगभग पूरे हो चुके हैं, जिससे मुख्य ढांचे के निर्माण में तेजी आएगी।
महाप्रबंधक अमिताभ शर्मा ने निरीक्षण के दौरान बताया कि इन चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया है और अब परियोजना अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
भगत की कोठी में बन रहा अत्याधुनिक वंदे भारत डिपो
जोधपुर रेल मंडल के लिए एक और बड़ी उपलब्धि भगत की कोठी में बन रहा वंदे भारत ट्रेन का अत्याधुनिक डिपो है। यह डिपो भारत का पहला ऐसा ट्रेनसेट डिपो होगा, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। यहां 660 मीटर लंबी कवर्ड लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जहां वंदे भारत एक्सप्रेस और भविष्य में शुरू होने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का रखरखाव किया जाएगा।
इस डिपो के निर्माण से जोधपुर क्षेत्र में हाई-स्पीड और आधुनिक ट्रेनों के संचालन को मजबूती मिलेगी। इससे न केवल ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता बढ़ेगी, बल्कि समयबद्ध संचालन और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
भविष्य की योजनाओं पर भी हो रहा मंथन
जोधपुर में लगातार बढ़ रहे रेल यातायात दबाव को देखते हुए रेलवे प्रशासन अब नई योजनाओं पर भी विचार कर रहा है। रेलवे बाईपास के लिए नई लाइन के अलाइनमेंट की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस बाईपास लाइन के जरिए मालगाड़ियों को मुख्य स्टेशन क्षेत्र से बाहर निकालने की योजना है।
इस कदम से यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा, प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी और ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर बनेगी। महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि रेलवे का लक्ष्य केवल इमारतें बनाना नहीं, बल्कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुगम सफर उपलब्ध कराना है।
जोधपुर को मिलेगा रेलवे विकास का नया आयाम
500 करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी परियोजना जोधपुर को रेलवे विकास के नए नक्शे पर स्थापित करेगी। आधुनिक स्टेशन, वंदे भारत डिपो और प्रस्तावित बाईपास लाइन के साथ जोधपुर उत्तर-पश्चिम रेलवे के प्रमुख केंद्रों में शामिल होगा।


