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कोटा में घटिया निर्माण पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सख्त

कोटा में घटिया निर्माण पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर सख्त

मनीषा शर्मा।   कोटा  में विकास कार्यों के नाम पर हो रहे कथित लापरवाहीपूर्ण और कमजोर निर्माण पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया। अमरपुरा के तालाब सौंदर्यीकरण और बायपास रोड निर्माण का निरीक्षण करते समय उन्हें कई गंभीर खामियां नजर आईं। मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने साफ कहा कि केवल जांच कमेटी बनाकर खानापूर्ति नहीं चलेगी। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिली, तो जांच कमेटी के सदस्यों तक की जवाबदेही तय की जाएगी।

मंत्री नागर के शब्दों में, यदि जांच कमेटी चेहरे देखकर काम करेगी या किसी को बचाने की कोशिश करेगी, तो कमेटी के सदस्य भी जांच के दायरे में आएंगे। उनके इस बयान ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर  के सामने तालाब सौंदर्यीकरण के काम में खुली पोल

अमरपुरा पहुंचकर जब ऊर्जा मंत्री ने तालाब के आसपास बनाए गए प्रोटेक्शन वॉल और अन्य संरचनाओं का निरीक्षण किया, तो अनेक कमियां सामने आईं। सुरक्षा दीवार को हाथ लगाते ही प्लास्टर झड़ने लगा और रेत अलग हो गई। जब फर्श का हिस्सा हटाया गया तो पाया गया कि नीचे सीमेंट के बिना ही रेत बिछाई गई थी

पीचिंग कार्य में भी केवल पत्थर डालकर खानापूर्ति कर दी गई थी। पत्थरों के बीच सीमेंट से फीलिंग तक नहीं की गई थी। कई जगह बबूल उग आए थे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि रखरखाव और गुणवत्ता दोनों की अनदेखी हुई है। इन हालातों को देखकर मंत्री नागर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए है, न कि ठेकेदारों के लाभ के लिए। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

अधिकारियों से सख्त बातचीत, जांच कमेटी तलब

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के एसई जे.पी. गुप्ता और जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर दयाल राम से फोन पर बात की। अधिकारियों ने जवाब दिया कि मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी जाएगी। इस पर मंत्री नागर ने तीखा प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल कमेटी बनाना समाधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में पक्षपात या लापरवाही सामने आई, तो जांच कमेटी के सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित कमेटी के सदस्यों को अपने आवास पर शुक्रवार को तलब किया है, ताकि पूरे मामले की प्रत्यक्ष रिपोर्ट और जवाबदेही तय की जा सके। बता दें कि मंत्री नागर इस दौरे पर सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास रथ के साथ अमरपुरा पहुंचे थे।

बायपास रोड निर्माण पर भी उठाए सवाल

कोटा से अमरपुरा जाते समय ऊर्जा मंत्री ने बायपास रोड के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि रोड भराव में लोकल मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि भराव में फ्लाई ऐश का उपयोग किया जाए। मंत्री नागर ने कहा कि लोकल मिट्टी भरने से सड़क जल्दी बैठ जाती है और कुछ समय बाद गड्ढे हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि ठेकेदार अपना काम पूरा करके चला जाता है और ग्रामीण सालों तक परेशान होते रहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे काम अब नहीं चलेंगे और गुणवत्ता से समझौता करने वालों को जवाब देना होगा।

जिम्मेदारी तय करना जरूरी

मंत्री के निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को सामने रखा। कई लोगों का कहना था कि काम तेज करने के चक्कर में ठेकेदार गुणवत्ता से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना में यदि निर्धारित मानकों का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार दोनों पर कार्रवाई तय है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी परियोजनाएं सिर्फ बजट खर्च करने का साधन नहीं, बल्कि जनता की सुविधा और सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती हैं।

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