मनीषा शर्मा। जोधपुर के रामलीला मैदान (रावण का चबूतरा मैदान) में जारी 35वां पश्चिमी राजस्थान उद्योग-हस्तशिल्प उत्सव 2026 इस बार विशेष थीम, आधुनिक प्रदर्शनों और बड़े पैमाने पर सहभागिता के कारण सुर्खियों में है। उत्सव में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आगमन से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री 26 दिसंबर को सुबह 11:15 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 11:30 से 12:45 बजे तक उत्सव स्थल पर विभिन्न स्टॉल्स तथा ऑपरेशन सिंदूर थीम आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। उत्सव का उद्देश्य स्थानीय उद्योग, हस्तशिल्प, कौशल और सरकारी योजनाओं को एक मंच पर लाना है, ताकि उद्यमियों, युवाओं और आमजन को नए अवसरों और संभावनाओं की जानकारी मिल सके।
राजस्थान उद्योग-हस्तशिल्प उत्सव 2026 ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित थीम
इस वर्ष उत्सव की केंद्रीय थीम ऑपरेशन सिंदूर रखी गई है। इस थीम के माध्यम से सेना, बीएसएफ और एयरफोर्स से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण और गतिविधियों की जानकारी विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाई जा रही है। आयोजकों का मानना है कि इससे युवाओं में रक्षा सेवाओं के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ेगा, साथ ही देश-सेवा के नए अवसर समझने में मदद मिलेगी।
संक्षिप्त लेकिन अहम दौरा
कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री उत्सव स्थल का संक्षिप्त दौरा करेंगे और इसके बाद 12:55 बजे जोधपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होकर दोपहर 1 बजे जयपुर लौट जाएंगे। सीमित समय के बावजूद प्रशासन और आयोजक मंडल ने सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां कर ली हैं, ताकि मुख्यमंत्री उत्सव की मुख्य झलकियां और थीम आधारित प्रदर्शनी को नजदीक से देख सकें।
आधुनिक हथियारों और रक्षा तकनीक की झलक
रामलीला मैदान में बनाए गए विशेष डोम में भारतीय सेना के प्रमुख हथियारों की प्रतिकृतियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इनमें ब्रह्मोस और एस-400 जैसी उन्नत प्रणालियों की प्रतिकृति भी शामिल है। इसके साथ-साथ आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी और आत्मनिर्भर भारत से जुड़े लाइव मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाए गए हैं, जहां आगंतुकों को मौके पर ही उत्पाद बनते हुए दिखाए जा रहे हैं। इससे युवाओं को तकनीक, रक्षा उत्पादन और मेक-इन-इंडिया के व्यावहारिक आयाम समझने का अवसर मिल रहा है।
15 डोम और 800 से ज्यादा स्टॉल्स
उत्सव में कुल 15 अलग-अलग डोम तैयार किए गए हैं। इनमें 800 से अधिक स्टॉल्स पर उद्योग, हस्तशिल्प, कृषि, स्टार्ट-अप और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े उत्पाद-सेवाएं प्रदर्शित की जा रही हैं। विशेष तौर पर लगभग 220 स्टॉल्स केंद्र और राज्य सरकार के विभागों को दिए गए हैं, जहां सब्सिडी, योजनाओं, ऋण सुविधाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। व्यापार जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में स्टॉल्स और विभागों की भागीदारी से उद्यमियों को नीति-स्तर और बाज़ार-स्तर दोनों तरह के मार्गदर्शन एक ही स्थान पर मिल रहे हैं।
पंच गौरव पहल को विशेष स्थान
राज्य सरकार की पंच गौरव पहल के अंतर्गत हर जिले के पाँच प्रमुख प्रतीकों — एक उत्पाद, एक खेल, एक कृषि उत्पाद, एक पर्यटन स्थल और एक वन उत्पाद — को अलग डोम में प्रदर्शित किया गया है। इसका उद्देश्य जिलों की विशिष्ट पहचान और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मंच प्रदान करना है। ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से आए आगंतुक इन प्रदर्शनों के माध्यम से अपने क्षेत्र की संभावनाओं और नई मार्केट लिंकिंग के तरीकों को समझ रहे हैं।
बिजनेस सेमिनार और सांस्कृतिक संध्याएं
उत्सव के दौरान प्रतिदिन दोपहर में MSME, आत्मनिर्भर भारत, महिला उद्यमिता, पंच गौरव योजना, श्रम कानून और सामाजिक सरोकारों पर सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित हो रहे हैं। विशेषज्ञ यहां व्यवहारिक उदाहरणों के साथ यह समझा रहे हैं कि छोटे-मध्यम उद्योग किस तरह आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का उपयोग कर तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। शाम के समय 7 से 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाती है, जिसमें देशभक्ति आधारित प्रस्तुतियां, राजस्थानी लोकनृत्य, फैशन शो, कवि सम्मेलन और कॉमेडी कार्यक्रम दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। पारिवारिक माहौल और विविध कार्यक्रमों के कारण उत्सव में सभी आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
प्रतियोगिताएं और आकर्षण
महिलाओं और बच्चों के लिए मेहंदी, ड्राइंग, फैंसी ड्रेस, अग्निरहित पाककला, कशीदाकारी, गायन, चेस और पॉट पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों से उत्सव केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामुदायिक और रचनात्मक मंच के रूप में भी स्थापित हो रहा है। इसके अलावा आमजन के लिए बोइंग विमान पर सेल्फी की विशेष व्यवस्था भी की गई है, जहां नाम मात्र के शुल्क पर लोग यादगार तस्वीरें ले रहे हैं।


