मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में पारदर्शिता बढ़ाने और संभावित गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए एक अहम तकनीकी पहल शुरू की है। अब योजना से जुड़े हर लाभार्थी को हर महीने उसके मोबाइल फोन पर यह जानकारी भेजी जाएगी कि उसके आरजीएचएस कार्ड से किस-किस तरह के उपचार, जांच या दवाइयों का भुगतान हुआ। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी लाभार्थी के कार्ड का गलत तरीके से उपयोग न हो सके और यदि कोई अनियमितता हो, तो उसका तुरंत पता चल सके।
मेडिकल एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि समय-समय पर ऐसी शिकायतें सामने आती रहीं कि कुछ अस्पताल, फार्मेसी या एजेंसियां फर्जी बिल प्रस्तुत कर योजना के तहत भुगतान उठा लेती हैं, जबकि संबंधित लाभार्थी को न तो किसी इलाज की जानकारी होती है और न ही उसने ऐसी कोई सेवा ली होती है। कई मामलों में लोगों को काफी समय बाद पता चलता है कि उनके कार्ड से बड़ी राशि का दावा कर लिया गया।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने निर्णय लिया है कि लाभार्थी को उसके कार्ड के उपयोग की पूरी और सटीक जानकारी सीधे उसके मोबाइल पर उपलब्ध करवाई जाए। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद किसी भी संदिग्ध लेन-देन पर लाभार्थी तुरंत हेल्पलाइन या आरजीएचएस कार्यालय को सूचित कर सकेगा। इससे न केवल धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा, बल्कि दोषी अस्पतालों और फार्मेसी स्टोर्स के खिलाफ समय रहते कार्रवाई भी संभव हो पाएगी।
हर महीने मिलेगा विस्तृत स्टेटमेंट
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजीलाल अटल ने बताया कि आरजीएचएस कार्ड के उपयोग से संबंधित जानकारी को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। अब सभी पंजीकृत लाभार्थियों को हर माह उनके कार्ड पर हुए कुल स्वास्थ्य व्यय का सारांश एसएमएस के माध्यम से भेजा जाएगा। यह जानकारी उस मोबाइल नंबर पर जाएगी, जो कार्ड बनवाते समय पंजीकृत कराया गया था।
भेजे जाने वाले एसएमएस में इलाज और खर्च का विवरण स्पष्ट श्रेणियों में दिखाया जाएगा, जैसे—
आईपीडी, डे केयर, ओपीडी, फार्मेसी और रिएम्बर्समेंट। इससे लाभार्थी को तुरंत समझ आ जाएगा कि किस तरह की सेवाओं पर खर्च दर्ज हुआ है और क्या वह वास्तव में उसके द्वारा लिया गया उपचार था या नहीं। यदि कोई रिकॉर्ड मेल न खाए, तो लाभार्थी तुरंत शिकायत दर्ज कर सकता है।
गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बढ़ेगा विश्वास
आरजीएचएस योजना राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों के लिए बड़ा सहारा है। इलाज का खर्च सीधे कार्ड से भुगतान होने के कारण कई बार लोग बिल और प्रक्रियाओं पर ध्यान नहीं दे पाते। नई तकनीकी पहल के बाद हर व्यक्ति के पास अपने स्वास्थ्य खर्च का समय-समय पर अपडेटेड रिकॉर्ड रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल योजना में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि लोगों के भीतर सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत करेगा। साथ ही अस्पतालों व फार्मेसियों को भी नियमों का पालन करना होगा, क्योंकि अब उनके हर दावे की जानकारी सीधे लाभार्थी तक पहुंचेगी।


