मनीषा शर्मा। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में विजय हजारे ट्रॉफी का पहला मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार साबित हुआ। घरेलू क्रिकेट के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में मुंबई ने सिक्किम को शानदार अंदाज में हराते हुए विजयी शुरुआत की। सबसे बड़ी attraction रहे भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज और मुंबई के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, जिन्होंने जबरदस्त पारी खेलते हुए 155 रन ठोके और मैच को एकतरफा बना दिया। रोहित शर्मा को मैदान पर उतरते देख जयपुर के दर्शकों का उत्साह चरम पर था। जैसे ही वे बल्लेबाजी के लिए आए, स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ी को घरेलू मैदान पर खेलता देख फैन्स खुद को भाग्यशाली मान रहे थे।
टॉस जीता सिक्किम ने, सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया
मैच की शुरुआत सिक्किम के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले के साथ हुई। टीम ने शुरुआत में संयमित खेल दिखाया और विकेट बचाने की रणनीति अपनाई। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ रन जोड़े और धीरे-धीरे टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचा दिया। हालांकि मुंबई के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में दबाव बनाया, लेकिन सिक्किम ने संघर्ष करते हुए 50 ओवर में 237 रनों का लक्ष्य खड़ा कर दिया। यह स्कोर प्रतिस्पर्धी जरूर था, लेकिन मुंबई जैसी अनुभवी टीम के सामने सुरक्षित नहीं माना जा रहा था।
रोहित शर्मा की पारी ने बदल दिया मैच का मूड
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम के साथ ही स्टेडियम का माहौल पूरी तरह बदल गया। रोहित शर्मा ने शुरुआती ओवरों से ही आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाने में जरा भी देर नहीं की और अपने पसंदीदा शॉट्स के साथ रन बटोरते रहे। 94 गेंदों पर खेली गई उनकी 155 रनों की पारी में 18 शानदार चौक्के और 9 आसमानी छक्के शामिल रहे। हर बाउंड्री के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया और मैच मुंबई की मुट्ठी में दिखाई देने लगा। दूसरे छोर से अन्य बल्लेबाजों ने संयमित खेल दिखाते हुए साझेदारी निभाई, जिससे टीम का स्कोर लगातार आगे बढ़ता गया। मुंबई ने मात्र 30.3 ओवर में 238 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया और टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की।
जयपुर में क्रिकेट का उत्सव
विजय हजारे ट्रॉफी का यह मुकाबला घरेलू टूर्नामेंट जरूर था, लेकिन रोहित शर्मा की मौजूदगी ने इसे अंतरराष्ट्रीय मैच जैसा जज्बा दे दिया। स्टेडियम के बाहर और अंदर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परिवारों, युवा प्रशंसकों और क्रिकेट अकादमियों के बच्चों में उत्साह देखते ही बन रहा था। कई दर्शकों का कहना था कि घरेलू क्रिकेट प्रतिभाओं को नजदीक से देखना और बड़े सितारों को इसी मंच पर खेलते देखना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। इस मैच ने एक तरह से जयपुर में क्रिकेट सीजन का माहौल गर्म कर दिया।
विशेषज्ञों की नज़र में मुंबई की जीत
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई की जीत केवल मजबूत बल्लेबाजी का नतीजा नहीं, बल्कि संतुलित रणनीति का भी परिणाम थी। गेंदबाजों ने शुरुआत से ही लाइन-लेंथ बनाए रखी, जिससे सिक्किम बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच सका। वहीं, रोहित शर्मा के अनुभव और आक्रामकता ने chase को बेहद आसान बना दिया। इस तरह की पारी घरेलू क्रिकेट के खिलाड़ियों को प्रेरणा देती है कि बड़े खिलाड़ी भी इसी मंच से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का हिस्सा बने हैं।
टूर्नामेंट में कई बड़े नाम, अर्जुन तेंदुलकर भी जयपुर में
इस साल विजय हजारे ट्रॉफी के सी-ग्रुप मैचों की मेजबानी राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) कर रहा है। मुकाबले 8 जनवरी तक जयपुर में खेले जाएंगे। इस दौरान भारतीय क्रिकेट के कई नामचीन खिलाड़ी मैदान पर नज़र आएंगे। सचिन तेंदुलकर के बेटे और युवा तेज गेंदबाज अर्जुन तेंदुलकर भी गोवा टीम की ओर से इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जयपुर पहुंचे हैं। क्रिकेट प्रेमियों में उन्हें देखने का भी खास उत्साह है, क्योंकि वे लगातार अपने खेल को निखारते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
घरेलू क्रिकेट का बढ़ता महत्व
विजय हजारे ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट ढांचे की रीढ़ माने जाते हैं। यहीं से उभरते खिलाड़ी चयनकर्ताओं की नज़र में आते हैं और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता बनाते हैं। जयपुर में खेले जा रहे मुकाबले न सिर्फ स्थानीय दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट का अनुभव दे रहे हैं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का बड़ा अवसर भी साबित हो रहे हैं। पहले ही मैच ने साफ कर दिया कि इस बार का टूर्नामेंट कड़ा मुकाबला, बड़े स्कोर और रोमांचक पारियों से भरा रहने वाला है।


