latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

विधायक फंड कमीशन मामला: रेवंतराम डांगा का जवाब BJP को नहीं भाया

विधायक फंड कमीशन मामला: रेवंतराम डांगा का जवाब BJP को नहीं भाया

मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में विधायक फंड में कमीशन मांगने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा के जवाब से पार्टी नेतृत्व संतुष्ट नहीं है। इस बात की पुष्टि शनिवार को जयपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने की। उन्होंने साफ किया कि विधायक के जवाब को अपर्याप्त मानते हुए पार्टी ने पूरे मामले को अब अनुशासन समिति के हवाले कर दिया है। यह मामला सामने आने के बाद न केवल भाजपा बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मची हुई है। विधायक फंड जैसी संवेदनशील योजना में कथित कमीशनखोरी के आरोप ने पार्टी की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पार्टी को नहीं भाया विधायक का जवाब

जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि रेवंतराम डांगा से प्राप्त जवाब पार्टी को संतुष्ट करने वाला नहीं था। उन्होंने बताया कि पार्टी में एक तय प्रक्रिया होती है, जिसके तहत किसी भी गंभीर आरोप की स्थिति में पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। मदन राठौड़ ने कहा कि नोटिस के जवाब की जांच पार्टी स्तर पर की जाती है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो मामला अनुशासन समिति को सौंप दिया जाता है। रेवंतराम डांगा के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है और अब अनुशासन समिति विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी।

स्टिंग ऑपरेशन के बाद बढ़ा विवाद

रेवंतराम डांगा का नाम उस समय सुर्खियों में आया, जब एक स्टिंग ऑपरेशन में उनका कथित तौर पर विधायक फंड से विकास कार्यों की सिफारिश के बदले कमीशन मांगते हुए वीडियो सामने आया। इस स्टिंग ऑपरेशन में कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत भी शामिल थीं। स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए वीडियो में तीनों विधायक विकास कार्यों के लिए एमएलए-लैड (MLA Local Area Development) फंड के इस्तेमाल के बदले डील करते हुए कैमरे में कैद हुए थे। रिपोर्टर ने डमी फर्म का प्रोपराइटर बनकर विधायकों से संपर्क किया था, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ।

BJP ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस

स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद भाजपा ने तुरंत एक्शन लेते हुए अपने विधायक रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पार्टी नेतृत्व ने उनसे आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि, पार्टी सूत्रों के अनुसार विधायक द्वारा दिया गया जवाब न तो आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर पाया और न ही कोई ठोस सबूत प्रस्तुत किए गए, जिससे पार्टी संतुष्ट हो सके। इसी कारण अब यह मामला अनुशासन समिति को सौंप दिया गया है।

सदाचार समिति के सामने भी पेश हुए विधायक

विधानसभा स्तर पर भी इस मामले की जांच शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को तीनों विधायक राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति के सामने पेश हुए। समिति के सभापति कैलाश वर्मा के समक्ष खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए विस्तृत जवाब देने के लिए समय मांगा। समिति ने जब उनसे सीधे पूछा कि क्या उन्होंने विधायक फंड के बदले कमीशन मांगा, तो तीनों विधायकों ने खुद को निर्दोष बताया। समिति द्वारा सबूत मांगे जाने पर उन्होंने दस्तावेज और अन्य प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की।

अलग-अलग समय सीमा दी गई

सदाचार समिति ने तीनों विधायकों को अलग-अलग समय सीमा प्रदान की है। रेवंतराम डांगा को 15 दिन, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव को 7 दिन और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत को 10 दिन का समय दिया गया है। इन निर्धारित दिनों के बाद तीनों विधायकों को दोबारा समिति के सामने पेश होकर अपने पक्ष में सबूत और स्पष्टीकरण देना होगा। रेवंतराम डांगा ने समिति को आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे सभी सवालों के जवाब देंगे।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजस्थान की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा के लिए यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का दावा करती रही है। ऐसे में अपने ही विधायक पर लगे आरोपों को लेकर पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading