latest-newsदेशब्लॉग्सराजस्थानहेल्थ

लिवर क्यों कहलाता है शरीर का इंजन: आंवला करता है टॉक्सिन्स की गहरी सफाई

लिवर क्यों कहलाता है शरीर का इंजन: आंवला करता है टॉक्सिन्स की गहरी सफाई

लिवर को हमारे शरीर का इंजन और मेटाबॉलिक हब कहा जाता है। यह भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को संग्रहित करने, हार्मोन को संतुलित रखने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। लेकिन बदलती जीवनशैली, जंक फूड, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और शराब के बढ़ते सेवन के कारण लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका नतीजा फैटी लिवर, सूजन और मेटाबॉलिक गड़बड़ियों के रूप में सामने आता है।

आयुर्वेद में आंवला क्यों है लिवर के लिए खास

आयुर्वेद के अनुसार आंवला एक शक्तिशाली रसायन औषधि है। इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन-सी और बायोएक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो लिवर की कोशिकाओं को पोषण देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। आंवला लिवर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है और शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुचारू बनाता है।

फैटी लिवर में कैसे मदद करता है आंवला

आजकल नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह लिवर एंजाइम्स के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होता है, जिससे फैट का जमाव धीमा पड़ता है और लिवर बेहतर तरीके से काम कर पाता है।

शराब से हुए नुकसान में आंवला क्यों जरूरी

जो लोग नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं, उनके लिवर टिश्यूज पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है। इससे सूजन और लंबे समय में गंभीर समस्याओं का खतरा रहता है। आंवला में मौजूद विटामिन-सी और पॉलीफेनॉल्स इस स्ट्रेस को कम करने में सहायक माने जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह लिवर की सूजन को शांत करता है और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत की प्रक्रिया को सपोर्ट करता है।

लिवर में सूजन और निशान बनने से कैसे बचाता है

बार-बार सूजन होने पर लिवर में फाइब्रोसिस यानी निशान बनने का खतरा बढ़ता है। आंवला का नियमित और संतुलित सेवन लिवर को अंदरूनी सुरक्षा प्रदान करता है। यह लिवर एंजाइम्स को बैलेंस में रखने और विषैले तत्वों से होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक माना जाता है, जिससे लिवर लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है।

लिवर डिटॉक्स के लिए आंवला के आसान घरेलू उपाय

आयुर्वेद में आंवला को कई तरीकों से उपयोग करने की सलाह दी जाती है। सुबह खाली पेट आंवला जूस और एलोवेरा जूस को गुनगुने पानी में मिलाकर पीना लिवर की सफाई में सहायक माना जाता है। जिन लोगों को बाहर का खाना या शराब अधिक लेने की आदत है, उनके लिए सूखे आंवले के टुकड़े चूसना फायदेमंद हो सकता है। वहीं आंवला चूर्ण को शहद के साथ लेने से लिवर को मजबूती मिलती है।

संतुलित जीवनशैली भी है जरूरी

आंवला लिवर के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसके साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और शराब से दूरी भी उतनी ही जरूरी है। आयुर्वेदिक उपाय तभी बेहतर परिणाम देते हैं जब जीवनशैली में सुधार किया जाए। किसी भी गंभीर समस्या में विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है, ताकि लिवर लंबे समय तक स्वस्थ रह सके।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading