शोभना शर्मा। राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हुआ, उसी तरह मथुरा में भी श्रीकृष्ण के भक्तों की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होगी। उनके अनुसार यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।
“श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पवित्र रहनी चाहिए”
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि देशभर के आध्यात्मिक गुरुओं और सनातन धर्म को मानने वालों की यही भावना है कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पवित्र बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाबर, हुमायूं, औरंगजेब या उनके वंश से जुड़ा कोई भी निशान उस पवित्र भूमि पर नहीं रहना चाहिए। विधायक के मुताबिक जिन शासकों ने देश को लूटा, धार्मिक स्थलों को अपवित्र किया और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, उन्हें वहां याद किए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
अयोध्या राम मंदिर से की तुलना
भाजपा विधायक ने अयोध्या राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सभी ने स्वीकार किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वहां भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि उसी तरह मथुरा में भी कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समाधान निकलेगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में भगवान श्रीकृष्ण के भक्त भी अपने आराध्य के भव्य मंदिर में दर्शन और सेवा कर सकेंगे।
“जरूरत पड़ी तो एक-एक ईंट लगाएंगे”
बालमुकुंद आचार्य ने खुद को भगवान श्रीकृष्ण का भक्त बताते हुए कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो वे मंदिर निर्माण में सेवा के रूप में एक-एक ईंट लगाने का काम भी करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आस्था और श्रद्धा का विषय है, जिसे किसी भी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
विधायक फंड मामले में एथिक्स कमेटी की सुनवाई
इसी दौरान राजस्थान में विधायक फंड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले पर भी अहम घटनाक्रम सामने आया। विधानसभा की एथिक्स कमेटी के चेयरमैन कैलाश वर्मा और विधायक बालमुकुंद आचार्य के समक्ष तीन विधायक पेश हुए। कैलाश वर्मा ने बताया कि तीनों विधायकों ने समिति के सामने अपना पक्ष रखा है और कुछ तथ्य लिखित रूप में भी प्रस्तुत किए गए हैं।
15 से 20 दिन में जांच पूरी करने का दावा
एथिक्स कमेटी के चेयरमैन कैलाश वर्मा ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि एक विधायक ने स्टिंग वीडियो को गलत बताया है, जिसे भी जांच के दायरे में लिया जाएगा। समिति सभी पहलुओं को देखने के बाद 15 से 20 दिनों के भीतर इस प्रकरण को सुलझाने का प्रयास करेगी।
“भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस”
भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने इस मामले पर स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी विधायक की ओर से भ्रष्टाचार किया गया है तो उस पर सख्त कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान की भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है। भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद या व्यक्ति से जुड़ा हो।


