मनीषा शर्मा। राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 (RJS 2025) का बहुप्रतीक्षित परिणाम आखिरकार जारी कर दिया गया है। इस परीक्षा के जरिए कुल 44 अभ्यर्थियों का चयन सिविल जज के पद पर किया गया है। परिणाम घोषित होते ही प्रदेशभर में खुशी की लहर दौड़ गई, खासकर जोधपुर जिले के लिए यह परिणाम बेहद खास रहा। जोधपुर से चार प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। इस सूची में स्वाति जोशी, सरवर खान, रितिका चौधरी और रेणु सिंगारिया शामिल हैं, जिन्होंने कठिन परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयास से यह मुकाम हासिल किया है।
स्वाति जोशी की सफलता: छह प्रयासों के बाद मिली मंजिल
जोधपुर शहर की रहने वाली स्वाति जोशी ने राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में 14वीं रैंक प्राप्त की है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी में कुल 183 अंक हासिल कर अंतिम चयन सूची में जगह बनाई। स्वाति जोशी की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कई असफलताओं के बावजूद कभी हार नहीं मानी।
स्वाति ने लॉ पेपर-I में 53.5 और लॉ पेपर-II में 55.5 अंक प्राप्त किए। भाषा के दोनों प्रश्नपत्रों में उन्हें 25 और 26 अंक मिले, जबकि इंटरव्यू में उन्होंने 23 अंक अर्जित किए। वर्ष 2015 में एलएलबी पूरी करने के बाद उन्होंने 2016 से आरजेएस की तैयारी शुरू की थी। यह उनका छठा प्रयास था। उन्होंने छह बार मुख्य परीक्षा और चार बार साक्षात्कार दिया, जिसके बाद उन्हें सफलता मिली। स्वाति जोशी ने बताया कि लगातार प्रयास, आत्मविश्वास और धैर्य ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। उनका मानना है कि लक्ष्य से भटके बिना मेहनत करते रहने से सफलता जरूर मिलती है।
ग्रामीण परिवेश से निकली रितिका चौधरी ने हासिल की 24वीं रैंक
जोधपुर जिले की पीपाड़ तहसील के सिलारी गांव की रहने वाली रितिका चौधरी ने राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में 24वीं रैंक हासिल कर ग्रामीण प्रतिभा का परचम लहराया है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली रितिका ने कड़ी मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।
परिजनों के अनुसार रितिका शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। उनके पिता सुखदेव चौधरी जोधपुर में ठेकेदारी का कार्य करते हैं। गांव में रितिका की सफलता को लेकर खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि रितिका की सफलता अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
एडवोकेट सरवर खान बने जज, 19वीं रैंक हासिल की
राजस्थान हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट सरवर खान ने राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में 19वीं रैंक प्राप्त की है। सरवर खान मूल रूप से डीडवाना के गांव झाड़ोद के निवासी हैं। उन्होंने भारती विद्यापीठ, पुणे से एलएलबी की पढ़ाई की और हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर से कॉरपोरेट लॉ में एलएलएम किया है। विधि क्षेत्र में गहरी समझ और निरंतर अभ्यास ने सरवर खान को इस मुकाम तक पहुंचाया। उनके चयन से विधि जगत में खुशी की लहर है और युवा वकीलों को एक नई प्रेरणा मिली है।
रेणु सिंगारिया ने जज बनकर पूरा किया दादा का सपना
जोधपुर की रेणु सिंगारिया ने राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल की है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से आने वाली रेणु ने कुल 155 अंक प्राप्त किए, जो उनकी श्रेणी की कट-ऑफ से कहीं अधिक है। रेणु ने लॉ पेपर-I में 43, लॉ पेपर-II में 48.5, भाषा-I में 22 और भाषा-II में 22.5 अंक प्राप्त किए, जबकि इंटरव्यू में उन्हें 19 अंक मिले। खास बात यह है कि रेणु की शादी हाल ही में 30 नवंबर को हुई थी और इसके कुछ ही दिनों बाद उन्होंने यह बड़ी सफलता हासिल की। रेणु ने बताया कि उनके दादा का सपना था कि उनकी पोती जज बने। परिवार के सहयोग और आत्मविश्वास ने उन्हें इस लक्ष्य तक पहुंचाया।


