शोभना शर्मा। घरेलू क्रिकेट में अपनी कहर बरपाने वाली गेंदों से चर्चा में आए राजस्थान के युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा इन दिनों भारतीय क्रिकेट जगत में तेजी से उभरता नाम बन चुके हैं। अशोक की सबसे बड़ी पहचान उनकी 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है, जो उन्होंने हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक मुकाबले में हासिल की। हैदराबाद के खिलाफ खेले गए इस मैच के बाद से ही अशोक की तेज गेंदबाजी को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों और चयनकर्ताओं की नजरें उन पर टिक गई हैं।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन
अशोक शर्मा ने घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 मैचों में कुल 22 विकेट झटककर टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में अपना नाम दर्ज कराया। उनकी लगातार हार्ड लेंथ और विकेट टू विकेट गेंदबाजी ने बड़े-बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया। इसी प्रदर्शन ने उन्हें IPL 2026 की मिनी नीलामी तक पहुंचाया।
IPL 2026 में गुजरात टाइटंस ने जताया भरोसा
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन का इनाम अशोक को इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की मिनी नीलामी में मिला। शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस ने उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस से तीन गुना अधिक 90 लाख रुपये में खरीदा। यह अशोक के करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है, जिससे उनके लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
कीमत से थोड़ी निराशा, लेकिन हौसले बुलंद
हालांकि IPL नीलामी में मिली कीमत को लेकर अशोक शर्मा ने हल्की निराशा जरूर जताई है, लेकिन उनका कहना है कि इससे उनका आत्मविश्वास और जज्बा कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जो होता है अच्छे के लिए होता है। गुजरात टाइटंस में उन्हें मुख्य कोच और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा से सीखने का मौका मिलेगा, जो उनके लिए बेहद अहम है। इसके साथ ही शुभमन गिल जैसे युवा कप्तान के साथ खेलने को लेकर वे काफी उत्साहित हैं।
पैट कमिंस और शेन बॉन्ड से मिली अहम सीख
अशोक शर्मा इससे पहले राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइटराइडर्स का भी हिस्सा रह चुके हैं, हालांकि उन्हें अब तक IPL में डेब्यू का मौका नहीं मिला है। कोलकाता नाइटराइडर्स के कैंप में रहते हुए ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने उनकी काफी मदद की। अशोक के अनुसार, कमिंस ने उन्हें अपनी ताकत पहचानने और उसी पर फोकस करने की सलाह दी। वहीं राजस्थान रॉयल्स में रहते हुए न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड ने उनकी यॉर्कर गेंदबाजी पर काम करने को कहा। इन दोनों दिग्गजों की सलाह ने अशोक के खेल को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई।
बड़े भाई का त्याग बना सफलता की नींव
अशोक शर्मा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने बड़े भाई को दिया है। जयपुर के सांगानेर के पास रामपुरा गांव के निवासी अशोक एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के कारण उनके पिता केवल एक बेटे के क्रिकेट करियर का खर्च उठा सकते थे। ऐसे में उनके बड़े भाई ने अपने सपनों को पीछे रखकर अशोक को आगे बढ़ने का मौका दिया। इसी त्याग ने अशोक को हर कदम पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
रणजी ट्रॉफी से टी-20 तक धमाकेदार शुरुआत
अशोक ने अक्टूबर में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ राजस्थान की ओर से रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। अपने पहले ही सीजन में उन्होंने चार रणजी मैचों में 14 विकेट लेकर मजबूत शुरुआत की। इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन और भी प्रभावशाली रहा। अब उनकी नजरें घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी पर टिकी हुई हैं, जहां वे अपनी उपयोगिता साबित करना चाहते हैं।
क्रिकेट छोड़ने का मन, फिर बदली किस्मत
अशोक शर्मा का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि जब उनका चयन राजस्थान की अंडर-19 और अंडर-23 टीम में नहीं हुआ, तो उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया था। इसी दौरान एक टैलेंट हंट प्रोग्राम ने उनकी किस्मत बदल दी। वहां उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसके बाद 2023 में राजस्थान रॉयल्स के कैंप में उन्हें मौका मिला, जहां उन्होंने नई गेंद से संजू सैमसन और जोस बटलर को आउट कर कोचिंग स्टाफ को प्रभावित किया।
डेल स्टेन आदर्श, बुमराह से प्रेरणा
अशोक शर्मा दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन को अपना आदर्श मानते हैं। साथ ही वे भारतीय टीम के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह को भी लगातार फॉलो करते हैं। उनका सपना भारतीय टीम के लिए खेलना है और वे मानते हैं कि निरंतर मेहनत और अनुशासन से वह दिन जरूर आएगा। घरेलू क्रिकेट से IPL तक का उनका सफर इस बात का संकेत है कि अशोक शर्मा आने वाले समय में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का मजबूत विकल्प बन सकते हैं।


