शोभना शर्मा। राजस्थान में पानी की समस्या दशकों से एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा रही है। सूखे, सीमित जल संसाधनों और बढ़ती आबादी के कारण प्रदेश के कई हिस्से आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दल सत्ता में रहते हुए जल संकट को दूर करने के बड़े-बड़े वादे करते रहे हैं। इन्हीं वादों में से एक था ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट यानी ERCP, जिसे मौजूदा भाजपा सरकार ने भी प्राथमिकता में शामिल किया था। हालांकि भजनलाल शर्मा सरकार के दो साल पूरे होने के बावजूद यह परियोजना अब तक धरातल पर पूरी तरह उतरती नजर नहीं आ रही है।
कांग्रेस का हमला, ERCP पर सवाल
ERCP और यमुना जल परियोजना को लेकर कांग्रेस लगातार भजनलाल सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। खासतौर पर पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी क्षेत्र के लिए ERCP को जीवनरेखा बताया गया था, लेकिन दो साल बाद भी जनता को ठोस परिणाम नजर नहीं आ रहे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यमुना जल परियोजना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए इसे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।
मंत्री सुरेश सिंह रावत का पलटवार
इन आरोपों पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कांग्रेस को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार ने जनता से ERCP और यमुना जल को लेकर जो भी वादे किए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भले ही कांग्रेस इस पर सवाल उठा रही हो, लेकिन सरकार ने काम की शुरुआत कर दी है। उन्होंने बताया कि ERCP के शुरुआती टेंडर में ही 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि परियोजना को आगे बढ़ा रही है।
केंद्र सरकार से धन को लेकर बातचीत जारी
सुरेश सिंह रावत ने कहा कि ERCP जैसी बड़ी परियोजना के लिए केंद्र सरकार की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में केंद्र और राज्य के बीच धन के अनुपात को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार की कैबिनेट में इस विषय पर जल्द फैसला होगा। इसके बाद राजस्थान सरकार को 90:10 के अनुपात के अनुसार वित्तीय सहायता मिल सकेगी। उनका कहना है कि केंद्र से सहयोग मिलने के बाद परियोजना की रफ्तार और तेज होगी।
यमुना जल पर कांग्रेस की राजनीति का आरोप
यमुना जल परियोजना को लेकर कांग्रेस के बयानों पर पलटवार करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा स्वयं शेखावाटी क्षेत्र से आते हैं, इसलिए उन्हें इस क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं और जरूरतों की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस यमुना जल को लेकर नकारात्मक बयानबाजी कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि जब हरियाणा और राजस्थान दोनों में कांग्रेस की सरकारें थीं, तब यमुना जल को राजस्थान तक लाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी
सुरेश सिंह रावत ने दावा किया कि वर्तमान में केंद्र सरकार, राजस्थान सरकार और हरियाणा सरकार के बीच बेहतर समन्वय है। इसी समन्वय के चलते यमुना का पानी शेखावाटी क्षेत्र तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि ERCP और यमुना जल, दोनों ही परियोजनाएं भजनलाल सरकार के कार्यकाल में पूरी की जाएंगी। मंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी के लाखों लोगों को राहत मिलेगी और पेयजल के साथ-साथ सिंचाई की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
SIR विवाद पर भी मंत्री का बयान
इस दौरान मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर हो रही राजनीति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे तय मानकों के अनुसार पात्र नहीं थे। मंत्री ने साफ किया कि यह मामला किसी भी तरह से कांग्रेस या भाजपा के वोट बैंक से जुड़ा नहीं है। निर्वाचन विभाग अपने नियमों और प्रक्रियाओं के तहत काम कर रहा है।
राजनीतिक वादों की कसौटी पर सरकार
ERCP और यमुना जल परियोजना भजनलाल सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती बन चुकी हैं। जहां कांग्रेस इन योजनाओं को लेकर सरकार को घेरने में जुटी है, वहीं सरकार का दावा है कि काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार अपने कार्यकाल में इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को पूरा कर पाती है या फिर राजस्थान की जनता को पानी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।


