शोभना शर्मा। राजस्थान की राजनीति में 15 दिसंबर की तारीख खास महत्व रखती है। आज से ठीक दो वर्ष पहले इसी दिन भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। खास बात यह रही कि यह दिन उनका जन्मदिन भी था। दिसंबर 2023 में विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा विधायक दल ने उन्हें नेता चुना और उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। अब सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ यह तारीख एक बार फिर ऐतिहासिक बन गई है।
गणेश जी और गोविंद देवजी के दर्शन से दिन की शुरुआत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने जन्मदिन की शुरुआत धार्मिक आस्था के साथ की। सोमवार सुबह वे जयपुर स्थित मोतीडूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन किए। इसके बाद वे गोविंद देवजी मंदिर गए और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उनकी परंपरागत आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाता है।
गौसेवा और रक्तदान शिविर में सहभागिता
मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गौसेवा की और परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने रक्तदाताओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन्मदिन जैसे अवसरों को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ना ही उनका उद्देश्य है।
भरतपुर के धार्मिक स्थल पूंछरी का लौठा जाएंगे सीएम
मुख्यमंत्री का अगला कार्यक्रम भरतपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पूंछरी का लौठा जाने का है। यहां वे मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। जन्मदिन के दिन किसी निजी उत्सव के बजाय सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देना उनके सार्वजनिक जीवन की कार्यशैली को दर्शाता है।
किसान परिवार से मुख्यमंत्री तक का सफर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जन्म 15 दिसंबर 1966 को भरतपुर जिले के नदबई उपखंड के अटारी गांव में हुआ था। वे एक साधारण ग्रामीण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता किशन स्वरूप शर्मा और माता गोमती देवी ने उन्हें सादगी और अनुशासन के संस्कार दिए। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े भजनलाल शर्मा ने अपनी शिक्षा राजस्थान में ही पूरी की।
शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से राजनीति तक
भजनलाल शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। इसके साथ ही उन्होंने बीएड की डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही वे सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे, जिसने उन्हें जनसेवा और सार्वजनिक जीवन की ओर प्रेरित किया।
ग्राम पंचायत से मुख्यमंत्री पद तक
राजनीति में उनका सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। वे अटारी ग्राम पंचायत के सरपंच रहे और इस दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्य किए। इसके बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने पार्टी के विभिन्न दायित्व संभाले और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
पहली बार विधायक बने और संभाली मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भजनलाल शर्मा ने जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। यह उनकी पहली विधानसभा जीत थी, लेकिन इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। 15 दिसंबर 2023 को जन्मदिन के दिन ही उन्होंने शपथ ली, जिससे यह दिन उनके राजनीतिक जीवन में खास बन गया।
दो साल की उपलब्धियां और आगे की योजनाएं
मुख्यमंत्री के रूप में भजनलाल शर्मा ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी और रोजगार से जुड़े कई कार्यक्रम आगे बढ़ाए गए हैं। सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य स्तरीय आरोग्य शिविर और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसके साथ 22 मदर लैब और 800 स्पोक्स की शुरुआत, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण और राजकीय विद्यालयों में नेत्र जांच शिविर जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
दोपहर में मुख्यमंत्री जवाहर कला केंद्र में आयोजित राज्य स्तरीय विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जहां सरकार की दो वर्षों की उपलब्धियों को आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।


