मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में उस समय नया भूचाल आ गया जब प्रदेश के तीन विधायकों से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन वीडियो के सामने आने के बाद नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने प्रेस वार्ता कर तीखी प्रतिक्रिया दी। बेनीवाल ने इस पूरे प्रकरण को प्रदेश के लिए बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि ऐसे वीडियो सामने आना यह दर्शाता है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार किस हद तक फैल चुका है।
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रदेश में दो वर्ष पूरे होने के ठीक बाद इस तरह के स्टिंग वीडियो सामने आना सरकार की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव की उम्मीद में सरकार चुनी थी, लेकिन ऐसे घटनाक्रम यह दिखाते हैं कि व्यवस्था के भीतर भ्रष्टाचार अभी भी गहराई तक मौजूद है।
भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय सभी पर सवाल
बेनीवाल ने कहा कि इन स्टिंग वीडियो में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय विधायक शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि भ्रष्टाचार किसी एक दल तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और विपक्ष, दोनों ही पक्षों में ऐसे लोग मौजूद हैं जो जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बेनीवाल के अनुसार, यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है, जिसमें राजनीतिक दलों की सीमाएं खत्म हो जाती हैं और निजी स्वार्थ सबसे ऊपर आ जाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल सरकार या किसी एक पार्टी की छवि को नुकसान नहीं पहुंचातीं, बल्कि पूरे राजस्थान की छवि को देशभर में धूमिल करती हैं। आज पूरा देश राजस्थान को देख रहा है और ऐसे मामलों से प्रदेश शर्मसार हो रहा है।
FIR और निष्कासन की मांग
हनुमान बेनीवाल ने स्पष्ट मांग की कि जिन विधायकों के नाम स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए हैं, उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल जांच कमेटी या विभागीय कार्रवाई से जनता का भरोसा नहीं लौटेगा। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित राजनीतिक दलों से भी मांग की कि वे ऐसे विधायकों को तुरंत पार्टी से निष्कासित करें।
बेनीवाल ने कहा कि यदि सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार करने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि FIR और निष्कासन से ही एक कड़ा और स्पष्ट संदेश जाएगा कि चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।
संसद और दिल्ली तक ले जाने की चेतावनी
सांसद बेनीवाल ने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले को संसद में उठाएंगे और दिल्ली स्तर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से भी इस विषय पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लेकर इस मुद्दे को उनके सामने रखेंगे, ताकि प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जा सके।
रेवंतराम डांगा पर गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान हनुमान बेनीवाल ने खिमसर विधायक रेवंतराम डांगा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक निधि में कमीशन, अवैध खनन और बायोडीजल जैसे मामलों में डांगा की संलिप्तता को लेकर पहले से शिकायतें आती रही हैं। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
आरएलपी के संघर्ष का दावा
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि प्रदेश में केवल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ही है, जो लगातार अवैध खनन, अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी कीमत पर जनता के अधिकारों से समझौता नहीं करेगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।


