मनीषा शर्मा। राजस्थान के औद्योगिक और तकनीकी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जोधपुर में दुबई मॉडल पर आईटी आधारित टेक्नो सिटी विकसित करने का रास्ता साफ हो गया है। प्रवासी राजस्थान दिवस के अवसर पर लंदन स्थित अंतरराष्ट्रीय आईटी विजनरी और प्रवासी राजस्थानी उद्यमी सुखदेव जांगिड़ ने राजस्थान सरकार के साथ करीब 60 हजार करोड़ रुपये के मेगा इन्वेस्टमेंट एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य राजस्थान को वैश्विक आईटी और तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना है।
यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां इसे राज्य के भविष्य के लिए एक दूरदर्शी पहल के रूप में देखा गया। यह टेक्नो सिटी न केवल आधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगी, बल्कि इसमें स्टार्टअप्स, मल्टीनेशनल कंपनियों, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब को भी स्थान मिलेगा। माना जा रहा है कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद जोधपुर की पहचान केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी होगी।
मुख्यमंत्री ने की निवेश प्रस्ताव की सराहना
सुखदेव जांगिड़ ने बताया कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने यह प्रस्ताव रखा, तो मुख्यमंत्री ने इस दूरदर्शी योजना की खुलकर सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसे राजस्थान के आईटी सेक्टर के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इससे राज्य में तकनीकी निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार की ओर से भी इस प्रोजेक्ट को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया गया है, ताकि यह परियोजना समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सके।
संघर्ष से सफलता तक सुखदेव जांगिड़ की प्रेरक यात्रा
सुखदेव जांगिड़ का जीवन संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक कहानी है। वे एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता कृषि कार्य से जुड़े रहे और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। तीन भाइयों में सबसे छोटे सुखदेव जांगिड़ की प्रारंभिक शिक्षा ग्राम अरणाय (सांचौर) के सरकारी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा जोधपुर से प्राप्त की और वर्ष 2006 में लंदन यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की।
लंदन से उद्यमिता की शुरुआत
वर्ष 2007-08 के दौरान सुखदेव जांगिड़ ने लंदन की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य किया, जहां उन्हें वैश्विक आईटी इंडस्ट्री का अनुभव मिला। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2009 में लंदन में कैप्सिटेक कंपनी की स्थापना की। आज उनकी कंपनी का भारत में भी बैंक ऑफिस है और वे लंदन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, इंडोनेशिया, दुबई सहित सात देशों में 29 से अधिक कंपनियों का संचालन कर रहे हैं। यह सफलता उनकी वैश्विक सोच और तकनीकी समझ को दर्शाती है।
प्रवासियों और युवाओं के लिए बड़ा सपना
सुखदेव जांगिड़ का कहना है कि इस निवेश का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है। वे राजस्थान के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना चाहते हैं। उनका सपना है कि मारवाड़ और राजस्थान की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचें और विदेशों में काम कर रहे भारतीयों को अपने राज्य में ही बेहतर अवसर मिल सकें। इस टेक्नो सिटी के विकास के बाद जोधपुर का स्काईलाइन दुबई की तरह आधुनिक आईटी इमारतों और हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित दिखाई देगा।
रोजगार और विकास का नया अध्याय
इस 60 हजार करोड़ रुपये के मेगा निवेश से राजस्थान में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होने की उम्मीद है। आईटी सेक्टर के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इनोवेशन आधारित उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। इससे वैश्विक निवेश प्रवाह बढ़ेगा और राजस्थान तकनीकी विकास के नए युग में प्रवेश करेगा। सुखदेव जांगिड़ की यह पहल साबित करती है कि वैश्विक अनुभव और मातृभूमि के प्रति समर्पण के साथ प्रवासी राजस्थानी राज्य के विकास में ऐतिहासिक भूमिका निभा सकते हैं। जोधपुर की यह आईटी टेक्नो सिटी राजस्थान के उज्ज्वल तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव बनने जा रही है।


