शोभना शर्मा। घरेलू सर्राफा बाजार में इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सोना जहां करीब 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया, वहीं चांदी ने इससे भी ज्यादा चौंकाते हुए लगभग 17,000 रुपये प्रति किलो की छलांग लगा दी। कीमतों में आई इस तेज बढ़ोतरी ने निवेशकों के साथ-साथ आम ज्वेलरी खरीदारों की चिंता भी बढ़ा दी है। बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है, जब पहले से ही ऊंचे स्तर पर चल रहे दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।
24 कैरेट सोना 1.32 लाख के पार
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत एक हफ्ते में 4,188 रुपये बढ़कर 1,32,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। इससे पहले इसका भाव 1,28,592 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यह स्तर अब तक के उच्चतम दामों के बेहद करीब माना जा रहा है। सोने की इस तेजी ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जो शादी-विवाह या निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने की योजना बना रहे थे।
22 और 18 कैरेट सोना भी हुआ महंगा
24 कैरेट सोने के साथ-साथ 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी इस हफ्ते तेज उछाल देखने को मिला। 22 कैरेट सोना बढ़कर 1,21,562 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो एक हफ्ते पहले 1,17,777 रुपये था। वहीं 18 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 99,533 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि पहले यह 96,444 रुपये था। ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह बढ़ोतरी बजट को और अधिक बिगाड़ने वाली साबित हो रही है।
चांदी ने सोने से भी ज्यादा चौंकाया
इस हफ्ते चांदी की कीमतों में आई तेजी ने बाजार को सबसे ज्यादा चौंकाया है। चांदी का भाव 16,970 रुपये की छलांग लगाकर 1,95,180 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। एक हफ्ते पहले चांदी 1,78,210 रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी। इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद चांदी भी अपने ऑल-टाइम हाई के बेहद करीब पहुंच गई है, जिससे बाजार में हलचल और बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला मजबूत सपोर्ट
घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी मजबूती है। कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 4,328 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है, जबकि चांदी 62 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जब भी कीमती धातुओं में मजबूती आती है, उसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है और कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं।
डॉलर और ब्याज दरों का असर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती और डॉलर की कमजोरी ने सोने और चांदी को मजबूत सपोर्ट दिया है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं। इसके चलते इन धातुओं की मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। मौजूदा हालात में यही ट्रेंड साफ नजर आ रहा है।
चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड बनी बड़ी वजह
चांदी की कीमतों में सोने से ज्यादा तेजी की एक बड़ी वजह इसकी बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड भी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। मांग में तेजी और सीमित सप्लाई के कारण चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जिससे इसमें जोरदार उछाल देखने को मिला है।
टैरिफ की आशंका से बढ़ा दबाव
बाजार में यह आशंका भी बनी हुई है कि अमेरिका चांदी के आयात पर टैरिफ लगा सकता है। अमेरिका अपनी जरूरत की लगभग दो-तिहाई चांदी आयात करता है। टैरिफ लगने के डर से अमेरिकी कंपनियों ने पहले ही चांदी का स्टॉक बढ़ाना शुरू कर दिया है। इससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई और कम हुई और कीमतों में और तेजी आ गई।
आगे क्या रह सकता है रुख
कुल मिलाकर सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी सिर्फ घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय फैक्टर्स से भी गहराई से जुड़ी हुई है। ब्याज दरों में कटौती, डॉलर की कमजोरी, इंडस्ट्रियल डिमांड और टैरिफ की आशंका ने मिलकर कीमतों को रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में भी सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।


