शोभना शर्मा। राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को आयोजित कार्यक्रमों की शुरुआत विवाद के साथ हुई। बीकानेर जिले में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और विधायकों के बीच समन्वय की कमी खुलकर सामने आ गई। मामला तब गरमाया जब बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेठानंद व्यास सहित तीन भाजपा विधायकों के पहुंचने से पहले ही सरकार के प्रचार वाहनों को रवाना कर दिया गया।
यह पूरा घटनाक्रम भाजपा के भीतर प्रशासनिक समन्वय और प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
विधायकों के बिना ही रवाना कर दिए प्रचार वाहन
जानकारी के अनुसार, जिला कलक्टर कार्यालय के सामने आयोजित कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, विधायक सिद्धि कुमारी और जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि की मौजूदगी में सरकार के प्रचार वाहनों को सुबह 11 बजे से पहले ही हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया गया। जबकि बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी और खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल उस समय तक कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे थे।
जब विधायक जेठानंद व्यास कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तब उन्हें जानकारी मिली कि प्रचार वाहन पहले ही रवाना हो चुके हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में नहीं मिली कुर्सी
पहले घटनाक्रम के बाद विधायक जेठानंद व्यास सीधे जिला कलक्टर कार्यालय के सभागार पहुंचे, जहां प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन की ओर से प्रेस ब्रीफिंग की जा रही थी। यहां विधायक को दूसरा झटका तब लगा, जब सभागार में उनके लिए कोई कुर्सी खाली नहीं मिली।
सभा कक्ष में सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि कुर्सियों पर बैठे थे। ऐसे में विधायक व्यास ने किसी को उठाने के बजाय प्रभारी मंत्री और जिला कलक्टर के पीछे खड़े होकर अपनी मूक आपत्ति दर्ज करवाई। कुछ देर बाद कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी और खाजूवाला विधायक विश्वनाथ मेघवाल भी सभागार पहुंचे। बाद में सभी विधायक कुर्सियों पर बैठ गए और पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे।
प्रशासन की गलती, प्रभारी मंत्री को दी जानकारी
घटनाक्रम के बाद विधायक जेठानंद व्यास ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी किसी से व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि सभागार में पहुंचने पर सभी कुर्सियां भरी हुई थीं और मर्यादा के तहत किसी को उठाकर बैठना उचित नहीं लगा, इसलिए वे खड़े रहे।
प्रचार वाहनों को समय से पहले रवाना करने के सवाल पर विधायक ने कहा कि यह पूरी तरह से प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और इसमें प्रशासन की गलती है। उन्होंने बताया कि जल्दबाजी में कार्यक्रम किया गया और विधायकों को समुचित सूचना नहीं दी गई। पूरे मामले की जानकारी जिला प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को दे दी गई है।
भाजपा विधायक जैसा ही व्यवहार हुआ
एक सवाल के जवाब में विधायक व्यास ने कहा कि उनके साथ किसी प्रकार का कांग्रेस विधायक जैसा व्यवहार नहीं हुआ, बल्कि भाजपा विधायक जैसा ही व्यवहार हुआ है। उन्होंने कहा कि वे शुद्ध भाजपा के विधायक हैं और प्रशासन की गलती को सामने रखना उनका अधिकार है।
विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने प्रभारी मंत्री को सही जानकारी नहीं दी, इसलिए इसमें प्रभारी मंत्री की कोई गलती नहीं है। जहां भी व्यवस्था में कमी नजर आएगी, वहां वे अपनी बात मजबूती से रखेंगे।
पत्रकारों के सवाल पर जताई आपत्ति
इसी दौरान पत्रकारों द्वारा बीकानेर की स्थिति और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर सवाल पूछे जाने पर विधायक व्यास ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके कार्यों पर सवाल उठाना अनुचित है। वे लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और वार्डों में जाकर जनता से संवाद करते हैं।
विधायक ने कहा कि यदि किसी को उनके कामकाज को लेकर संदेह है, तो वे मौके पर चलकर विकास कार्यों को दिखाने के लिए भी तैयार हैं।


