मनीषा शर्मा। जयपुर शहर में मेट्रो विस्तार का सपना आखिरकार साकार होने जा रहा है। जयपुर मेट्रो फेज-2 को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी गई है। काफी लंबे समय से जयपुरवासी मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की मांग कर रहे थे, ताकि बढ़ते ट्रैफिक दबाव से राहत मिले और शहर के बड़े हिस्से को सुरक्षित और तेज परिवहन मिले। अब इस मंजूरी के साथ, जयपुर शहर में सार्वजनिक परिवहन के विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
42 किलोमीटर लंबा ट्रैक और 36 नए स्टेशन
फेज-2 के विस्तार में कुल 42 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिसमें 36 स्टेशन शामिल होंगे। इनमें से 34 स्टेशन एलिवेटेड होंगे, जबकि दो स्टेशन अंडरग्राउंड बनाए जाएंगे। यह विस्तार शहर के उत्तर से दक्षिण-पश्चिम दिशा तक फैला होगा, जिससे विभिन्न औद्योगिक और आवासीय इलाकों को आसानी से जोड़ा जा सकेगा।
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 14 हजार करोड़ रुपये है। इसके निर्माण कार्य के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को पांच साल की समयसीमा दी गई है। प्रोजेक्ट का काम धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से शुरू भी कर दिया गया है।
ये होंगे फेज-2 के मेट्रो स्टेशनों के नाम
फेज-2 में निम्न स्टेशन शामिल होंगे:
टोडी मोड, हरमाड़ा घाटी, हरमाड़ा, वीकेआई रोड नंबर 14, वीकेआई रोड नंबर 9, वीकेआई रोड नंबर 5, विद्याधर नगर, सेक्टर 2, भवानी निकेतन, अंबाबाड़ी, पानीपेच, कलक्ट्रेट, खासा कोठी सर्कल, गवर्नमेंट हॉस्टल, अशोक मार्ग, एसएमएस हॉस्पिटल, नारायण सिंह सर्कल, रामबाग सर्कल, नेहरू पैलेस, गांधी नगर स्टेशन, गोपालपुरा, दुर्गापुरा, बीटू बायपास चौराहा, पिंजरापोल गौशाला, हल्दीघाटी गेट, कुंभा मार्ग, जीईसीसी, सीतापुरा, गोनेर मोड, बीलवा, बीलवा कलां, सहारा सिटी और प्रहलादपुरा।
यह स्टेशन सूची दिखाती है कि यह कॉरिडोर जयपुर के प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और आवासीय इलाकों को व्यापक रूप से जोड़ने वाला होगा।
जयपुर की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम
जयपुर मेट्रो का दूसरा फेज शहर की कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहा है। इससे शहर के उत्तरी, मध्य और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों के बीच सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा। ट्रैफिक जाम से लंबे समय से परेशान जयपुरवासियों को इस विस्तार से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
खासतौर पर विद्याधर नगर, अंबाबाड़ी, सीतापुरा, वीकेआई एरिया और टोंक रोड के हजारों यात्रियों को अब रोजाना के ट्रैफिक से जूझना नहीं पड़ेगा, क्योंकि मेट्रो उन्हें तेजी और सुरक्षित तरीके से गंतव्य स्थान तक पहुंचाएगी।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में आएगी तेजी
मेट्रो प्रोजेक्ट के विस्तार से न केवल परिवहन व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य, संचालन, सुरक्षा, रखरखाव और स्टेशन प्रबंधन के जरिए हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही मेट्रो के आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह कॉरिडोर वीकेआई इंडस्ट्रियल एरिया और सीतापुरा इंडस्ट्रियल क्षेत्र को भी जोड़ता है, जिससे इन क्षेत्रों के कर्मचारियों और उद्यमियों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा, अंबाबाड़ी, विद्याधर नगर और अशोक मार्ग जैसे शैक्षणिक और घनी आबादी वाले इलाके भी इस विस्तार से जुड़ेंगे, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेगा।


