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जैसलमेर में देश के टॉप 25 जज एकत्र: आज फुल कोर्ट मीटिंग, कल से महासम्मेलन

जैसलमेर में देश के टॉप 25 जज एकत्र: आज फुल कोर्ट मीटिंग, कल से महासम्मेलन

शोभना शर्मा। स्वर्ण नगरी जैसलमेर इस सप्ताह देश की न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सबसे बड़े आयोजनों में से एक की मेजबानी कर रही है। नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी (NJA) द्वारा आयोजित जोधपुर वेस्ट जोन–I क्षेत्रीय सम्मेलन के लिए देश के शीर्ष न्यायाधीश जैसलमेर पहुंचे हैं। 13 और 14 दिसंबर को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय सम्मेलन में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत सहित सुप्रीम कोर्ट और कई हाई कोर्ट्स के 25 से अधिक प्रमुख जज शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन राज्य और देश में न्यायिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फुल कोर्ट मीटिंग में न्याय व्यवस्था पर गहन चिंतन

सम्मेलन से एक दिन पहले गुरुवार, 12 दिसंबर को राजस्थान हाई कोर्ट की फुल कोर्ट मीटिंग आयोजित की गई। सुबह लगभग 11 बजे शुरू हुई यह बैठक दोपहर 3 बजे तक चली। इस बैठक में राज्य की वर्तमान न्यायिक स्थिति, लंबित मामलों की बढ़ती संख्या, कोर्ट प्रक्रियाओं में तकनीक के इस्तेमाल की आवश्यकता और न्यायालयों के सामने उभरती चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

फुल कोर्ट मीटिंग का उद्देश्य न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की रणनीतियों पर विचार करना रहा।

सम्मेलन का मुख्य फोकस: टेक्नोलॉजी आधारित न्याय प्रणाली

जैसलमेर में होने वाला यह सम्मेलन ‘टेक्नोलॉजी के जरिए एडवांस्ड रूल ऑफ लॉ: चुनौतियां और अवसर’ थीम पर आधारित है। यह आयोजन होटल रंगमहल में किया जा रहा है, जहां बड़े स्तर पर तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ चर्चाएं आयोजित होंगी।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार टेक्नोलॉजी न्यायिक व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और सुलभ बना सकती है। न्यायिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में डिजिटल सिस्टम, वर्चुअल कोर्ट, ई-फाइलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यायिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे, इसलिए यह सम्मेलन आने वाले समय की कार्ययोजना तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

ई-कोर्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष सत्र

दो दिवसीय सम्मेलन में तकनीक से जुड़े कई मुद्दों पर अलग-अलग सत्र होंगे, जिनमें प्रमुख रूप से ई-कोर्ट्स, डिजिटल केस मैनेजमेंट, वर्चुअल हियरिंग, डाटा सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञों द्वारा यह भी चर्चा की जाएगी कि तकनीक को अपनाने में आने वाली चुनौतियों—जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, प्रशिक्षण और डिजिटल पहुंच—को कैसे दूर किया जाए।

इन सत्रों का उद्देश्य न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों को तकनीक के आधुनिक उपयोग से परिचित कराना और एक सुगम, स्वचालित न्याय प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ना है।

देश के शीर्ष न्यायाधीशों की मौजूदगी

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत उपस्थित हैं। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश—न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश, न्यायमूर्ति जमशेद बुर्जोर पारदीवाला, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता, न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति संजय करोल—भी शिरकत कर रहे हैं।

इसके अलावा प्रमुख हाई कोर्ट्स के मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीश, जिनमें जस्टिस संदीप मेहता, जस्टिस नोंगमेइकपम कोटेश्वर सिंह, जस्टिस मनमोहन, जस्टिस कृष्णन विनोद चंद्रन और जस्टिस विजय बिश्नोई प्रमुख हैं, भी इस आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। यह उपस्थिति सम्मेलन के महत्व और गंभीरता को दर्शाती है।

जैसलमेर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम

देश के दिग्गज न्यायाधीशों की मौजूदगी को देखते हुए जैसलमेर जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। होटल रंगमहल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक वीवीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष रूट तय किए गए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो।

प्रशासन का कहना है कि पूरी व्यवस्था हाई-कमांड की गाइडलाइन के अनुसार की गई है और सुरक्षा व्यवस्था हर स्तर पर मजबूत है।

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