मनीषा शर्मा। जैसे ही ठंड का मौसम आता है, कई घरों में दही सबसे पहले खाने से हटा दिया जाता है। अक्सर यह कहा जाता है कि दही खाने से सर्दी बढ़ जाएगी, गला बैठ जाएगा या खांसी हो जाएगी। लेकिन क्या यह पूरी तरह सच है? आयुर्वेद के अनुसार दही शरीर के लिए लाभकारी है और इसे किसी एक मौसम तक सीमित नहीं किया गया है।
दही में कैल्शियम, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, विटामिन बी और प्रोबायोटिक्स जैसे पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। यह पाचन को मजबूत करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और स्किन के लिए भी अच्छा माना जाता है। इसलिए सर्दियों में दही खाना पूरी तरह गलत नहीं है, बल्कि सही तरीका और सही मात्रा महत्वपूर्ण है।
आयुर्वेद में दही की तासीर
आयुर्वेद दही को ठंडी और भारी तासीर वाला भोजन मानता है। इसका प्रभाव वात दोष को शांत करने वाला होता है, लेकिन यह कफ और पित्त को बढ़ा सकता है।
ठंड के मौसम में कफ का स्तर प्राकृतिक रूप से बढ़ जाता है, ऐसे में दही की ठंडी तासीर कुछ लोगों में सर्दी, खांसी और गले की समस्या को बढ़ा सकती है। यही वजह है कि आयुर्वेद दही खाने के तरीके और समय पर विशेष ध्यान देने की सलाह देता है।
दही खाने से कब हो सकता है नुकसान?
आयुर्वेद के अनुसार कुछ परिस्थितियों में दही का सेवन समस्या बढ़ा सकता है।
रात में दही न खाएं – रात के समय दही भारी लग सकता है और कफ बढ़ा सकता है।
सर्दी, खांसी या गले की खराश में दही से बचें – दही की ठंडी तासीर लक्षणों को बढ़ा सकती है।
बासी या खट्टा दही न खाएं – ऐसा दही बलगम को बढ़ाने वाला माना जाता है।
कमजोर पाचन वाले लोग सावधानी रखें – दही भारी होता है, पाचन कमजोर हो तो यह पेट में असहजता पैदा कर सकता है।
सर्दियों में दही खाने का सही तरीका
आयुर्वेद मानता है कि दही को उसके गुणों में हल्का बदलाव करके सर्दियों में भी लाभकारी बनाया जा सकता है।
1. मसालों के साथ दही खाएं
दही में जीरा, काली मिर्च, अदरक या हल्का सा शहद मिलाकर खाना डाइजेशन को आसान बनाता है। ये मसाले दही की ठंडक कम करते हैं।
2. दही को छाछ या लस्सी की तरह खाएं
सर्दियों में भारी दही के बजाय पतली छाछ या हल्की लस्सी लेना बेहतर रहता है। इसे लाइट फॉर्म में लेने से कफ बढ़ने का खतरा कम हो जाता है।
3. हमेशा ताजा दही खाएं
ताजा दही शरीर को ऊर्जा देता है और पाचन भी सुधारता है। बासी या खट्टा दही ठंड में शरीर पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।
4. दही दोपहर में खाएं
आयुर्वेद में दही खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर माना गया है। इस समय पाचन अग्नि सबसे अधिक सक्रिय रहती है, जिससे दही आसानी से पच जाता है।
5. भोजन के साथ खाएं, खाली पेट नहीं
खाली पेट दही कफ बढ़ा सकता है। इसे भोजन के साथ या भोजन का हिस्सा बनाकर खाना सही रहता है।
दही सर्दियों में फायदेमंद है, बस तरीका सही होना चाहिए
सर्दियों में दही को पूरी तरह छोड़ देने की आवश्यकता नहीं है। आयुर्वेद मानता है कि सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से दही का सेवन किया जाए तो यह सर्दियों में भी शरीर को लाभ ही देता है। यह इम्युनिटी को मजबूत करता है, पाचन सुधारता है और शरीर को आवश्यक पोषण देता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी उपचार, दवा या घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।


