मनीषा शर्मा। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत हो गई है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा अब और आसान तथा तेज हो जाएगी। दौसा जिला प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय के आग्रह पर शुरू हुई इस सेवा के तहत श्रद्धालु दिल्ली, जयपुर और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के पिनान रेस्ट एरिया से बालाजी धाम तक हवाई यात्रा कर सकेंगे। यह पहल धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देने वाली मानी जा रही है।
एक बार में पांच यात्रियों की क्षमता
पहली उड़ान सोमवार सुबह 11 बजे मेहंदीपुर बालाजी के मीन भगवान मंदिर पर उतरी। हेलीकॉप्टर में पांच श्रद्धालुओं की क्षमता रखी गई है। पहली उड़ान में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार, सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल, महवा विधायक राजेन्द्र मीणा और बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने किया।
सेवा का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं को कम से कम एक सप्ताह पहले ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। बुकिंग कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
दौसा जिला कलक्टर ने कहा कि यह सेवा धार्मिक पर्यटन को मजबूती देगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं खोलेगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में जिले के अन्य पर्यटन स्थलों, जैसे आभानेरी, को भी हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना है, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मेहंदीपुर बालाजी की धार्मिक महत्ता
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। यूपी, हरियाणा, एमपी, दिल्ली और दूरदराज के राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त यहां आते हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन बांदीकुई है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर तक पहुंचने की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। अब हेलीकॉप्टर सेवा जुड़ने से यात्रा और भी तेज और सुगम हो जाएगी।
दिल्ली-जयपुर से 36 मिनट और पिनान से 15 मिनट की फ्लाइट
बुक योअर हेलीकॉप्टर के फाउंडर मनीष कुमार सुनारी ने बताया कि दिल्ली और जयपुर से मेहंदीपुर बालाजी पहुंचने में सिर्फ 36 मिनट लगेंगे, जबकि पिनान रेस्ट एरिया से यह यात्रा मात्र 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि किराया अगले एक-दो दिनों में आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा, हालांकि अनुमानित किराया दिल्ली-जयपुर से प्रति यात्री 70 हजार और पिनान से लगभग 20 हजार रुपए रहने की उम्मीद है।
देश के सबसे युवा सिविल हेलीकॉप्टर पायलट संभालेंगे कमान
इस सेवा की उड़ान कैप्टन अभय सिंह गुर्जर संभालेंगे, जो 24 वर्ष की उम्र में देश के सबसे युवा सिविल हेलीकॉप्टर पायलट माने जाते हैं। वह गुर्जर समुदाय के पहले सिविलियन हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं। उनका परिवार विमानन क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके पिता चारधाम और कैलाश मानसरोवर यात्रा हेलीकॉप्टर संचालन में लंबे समय से अनुभव रखते हैं, जबकि बड़े भाई दक्षिण अफ्रीका में पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं।
सरकारी नौकरी छोड़ स्थापित की हेलीकॉप्टर कंपनी
फाउंडर मनीष सुनारी और पायलट अभय सिंह गुर्जर दोनों ने सरकारी नौकरी छोड़कर अपनी हेलीकॉप्टर कंपनी स्थापित की है। वर्तमान में कंपनी आठ हेलीकॉप्टर और दो प्राइवेट जेट ऑपरेट कर रही है। अभय का कहना है कि अपने ही जिले और भूमि के लिए काम करना उनके लिए गर्व की बात है और वे इस सेवा को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


