शोभना शर्मा। राजस्थान में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण राज्य के पश्चिमी हिस्सों में बादल छा गए, हालांकि बारिश नहीं हुई। जोधपुर, जैसलमेर सहित कई जिलों में शनिवार को धूप कमजोर रही, जिससे ठंड का प्रभाव और अधिक महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार यह विक्षोभ कमजोर प्रणाली है, लेकिन इसके प्रभाव से आगामी दो दिनों तक कुछ भागों में आंशिक बादल बने रहेंगे।
शेखावाटी में सबसे अधिक ठंड
पिछले 24 घंटों में शेखावाटी बेल्ट कड़ाके की सर्दी की चपेट में रही। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।
माउंट आबू और सीकर में 3 डिग्री, दौसा में 4.3 डिग्री, जबकि अलवर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और देर रात के समय ठिठुरन बढ़ी और सर्द हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया।
बादल छाए, तापमान में गिरावट
पश्चिमी विक्षोभ के असर से कल पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में धूप कमजोर दर्ज की गई। ऊंचाई पर बादल छाने से अधिकतम तापमान गिर गया।
बाड़मेर में अधिकतम तापमान 29.3, जैसलमेर में 28.3, चूरू में 25.3 और बीकानेर में 23.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज सर्द हवाओं के कारण दिन में भी ठंड का असर महसूस होता रहा।
अगले सप्ताह क्या रहेगा बदलाव — मौसम केंद्र की भविष्यवाणी
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ जिलों में अगले दो से तीन दिनों तक आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं। इसके बाद एक सप्ताह तक राज्य भर में मौसम साफ रहने का अनुमान है।
विक्षोभ के प्रभाव के कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे शीतलहर से राहत मिलेगी।
अगले तीन–चार दिनों में शेखावाटी इलाके में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर, जबकि अन्य अधिकांश जिलों में 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे अधिक दर्ज होने की उम्मीद है।


