मनीषा शर्मा। बाड़मेर जिले की रामसर पंचायत समिति में शनिवार को आयोजित साधारण सभा उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब निर्दलीय विधायक और शिव विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि रविन्द्र सिंह भाटी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। बैठक के दौरान विधायक और बीडीओ विक्रम जांगिड़ के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण सभा का माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कचरे के ढेर की फोटो दिखाते हुए विधायक का सवाल – “पैसे कहां जा रहे हैं?”
सभा में विधायक भाटी, एसडीएम रामलाल मीणा, बीडीओ विक्रम जांगिड़ सहित पंचायत समिति के कई सदस्य मौजूद थे। चर्चा के दौरान विधायक ने अपने मोबाइल फोन में कचरे के ढेर की तस्वीरें दिखाईं और सवाल उठाया कि पंचायत भवन के ठीक पीछे गंदगी के अंबार लगे हुए हैं, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई पर नियमित खर्च और भुगतान दिखाया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि जब सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है, तो आखिर फंड कहां उपयोग हो रहा है।
विधायक के सवालों पर बीडीओ ने सफाई देते हुए कहा कि अब तक केवल रामसर और गागड़िया में भुगतान हुआ है, जबकि अन्य पंचायतों में काम पूरा होने पर ही पेमेंट जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन के पीछे पड़ा कचरा किसी शादी समारोह के बाद का हो सकता है।
“हम यहीं बैठे हैं, कागजात आएंगे तभी जाएंगे” – विधायक का सख्त रुख
विवाद उस समय बढ़ गया जब विधायक ने बीडीओ से टेंडर प्रक्रिया, भुगतान विवरण और सफाई व्यवस्था से संबंधित सभी दस्तावेज तुरंत प्रस्तुत करने को कहा। इस पर बीडीओ ने जवाब दिया कि आज छुट्टी का दिन है और अकाउंटेंट मौजूद नहीं है, इसलिए कागजात तुरंत उपलब्ध नहीं कर सकता।
इस पर विधायक भाटी ने कहा कि वह बैठक से उठेंगे नहीं और वहीं बैठकर कागजात आने का इंतजार करेंगे। उनका कहना था कि यदि सफाई व्यवस्था पर खर्च हुआ है, तो उसका पूरा ब्योरा जनता के सामने आना चाहिए। उन्होंने इस मामले को पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया।
स्वच्छ भारत मिशन को जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बताया
बैठक के दौरान पंचायत समिति सदस्य आसूराम ने कहा कि यह साधारण सभा है, इसे जनसुनवाई का रूप न दिया जाए और पहले कोरम पूरा किया जाए। इस पर विधायक भाटी ने स्पष्ट कहा कि यह किसी का व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और पंचायतीराज विभाग तथा मंत्री का प्रमुख फोकस क्षेत्र है। इस मिशन को जमीनी स्तर तक सफल बनाना सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि स्वच्छता पर खर्च हुआ है, तो उसके परिणाम भी स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। गंदगी के ढेर मिशन के उद्देश्य के विपरीत हैं।
वीडियो वायरल, फंड उपयोग पर सवाल उठाने लगी जनता
सभा में हुई इस गरमागरम बहस का वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय समर्थकों सहित आम नागरिक भी इस वीडियो पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग पंचायत स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन के फंड के उपयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं और इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
विधायक भाटी ने चेतावनी दी कि यदि टेंडर और भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज जल्द प्रस्तुत नहीं किए गए, तो वह इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सफाई कार्यों में कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


