मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर दिए गए बयान के बाद बीजेपी नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। राठौड़ ने जूली के बयान को मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्यक्तिगत टिप्पणी करना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय विधानसभा सत्र में उन विकास कार्यों पर बहस करनी चाहिए, जो भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में पूरे किए हैं। राठौड़ के अनुसार, राज्य सरकार ने आधारभूत संरचना को मजबूत किया है, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं और महत्वपूर्ण परियोजनाओं — ईआरसीपी तथा यमुना जल समझौते — को धरातल पर उतारने की दिशा में प्रभावी प्रगति की है। राठौड़ का दावा है कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज से संतुष्ट है और पूरे भरोसे के साथ भाजपा सरकार के साथ खड़ी है।
राठौड़ ने जूली और डोटासरा को बताया ‘जमीनी नेता’, साथ ही लगाए गंभीर आरोप
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा स्वयं को जमीनी नेता बताते हैं, और यह बात कुछ हद तक सच भी है। लेकिन इसी ‘जमीनी पकड़’ के दौरान उनके ही क्षेत्रों में भारी स्तर पर जमीन की लूट हुई। राठौड़ के अनुसार, कांग्रेस शासनकाल में जूली के गृह जिले अलवर के थानागाजी क्षेत्र में लगभग 2000 एकड़ जमीन का अवैध आवंटन किया गया था।
उन्होंने कहा कि जब यह मामला विधानसभा में उठाया गया तो संबंधित जिला कलेक्टर ने इस बड़े अवैध आवंटन को रद्द कर दिया, लेकिन कुछ ही दिनों में उस कलेक्टर का तत्काल तबादला कर दिया गया। यह दर्शाता है कि कांग्रेस सरकार खुद जमीन घोटाले के आरोपों पर पर्दा डालने में लगी थी।
राठौड़ ने गोविंद सिंह डोटासरा के क्षेत्र का भी उदाहरण देते हुए कहा कि डोटासरा की गृह तहसील में नेक्सा ग्रीन कंपनी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी हुई, और यह पूरा प्रकरण भी कांग्रेस शासन के दौरान ही सामने आया। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं को ‘जमीनी नेता’ कहना तो ठीक है, लेकिन जनता अब यह भी जानती है कि उनके क्षेत्रों में किस तरह की गतिविधियां होती रहीं।
गुटबाजी के आरोपों पर भी किया पलटवार
कांग्रेस द्वारा बीजेपी में गुटबाजी के लगाए गए आरोपों पर भी राठौड़ ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक अनुशासित पार्टी है और हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में एकजुट है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गुटबाजी की बात करते हुए अपने इतिहास पर भी नज़र डालनी चाहिए।
राठौड़ ने याद दिलाया कि कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच की खींचतान कितनी गहरी थी। उनके अनुसार, कांग्रेस के दोनों गुटों के विधायक कई दिनों तक पांच सितारा होटलों में ठहरे रहे थे, और उस समय का घटनाक्रम पूरे देश ने देखा था।
उन्होंने कहा कि BJP वह पार्टी है जहां एक साधारण कार्यकर्ता भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है। यही संगठनात्मक शक्ति बीजेपी को अन्य दलों से अलग बनाती है।


