latest-newsजयपुरदेशराजनीतिराजस्थान

निकाय और पंचायत चुनावों से पहले सक्रिय मोड में मुख्यमंत्री

निकाय और पंचायत चुनावों से पहले सक्रिय मोड में मुख्यमंत्री

शोभना शर्मा। राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सक्रियता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री आवास पर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है, जिसमें संगठन की ताकत, सरकारी कामकाज और योजनाओं के प्रभाव पर व्यापक समीक्षा हो रही है। सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर चुनावी रणनीति को ज़मीन पर मजबूत करने का प्रयास तेज हो गया है।

जमीनी स्तर के फीडबैक पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री का मुख्य उद्देश्य जमीनी हकीकत को समझना है। वे यह जानने में जुटे हैं कि संगठन किस गति से काम कर रहा है और सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच रहा है या नहीं। फीडबैक में यह भी शामिल है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सरकारी घोषणाओं का कितना प्रभाव दिखाई दे रहा है और किन जिलों में संगठन को और सक्रिय होने की जरूरत है।

सीएम आवास पर संभागवार बैठकें — सुबह से शाम तक समीक्षा

सीएम आवास पर आज सुबह 10 बजे से देर शाम तक बैठकों का सिलसिला जारी रहने वाला है। इन बैठकों में विभिन्न संभागों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग चरणों में चर्चा होगी। इस दौरान मंत्रियों के कामकाज, संगठन के पदाधिकारियों की भूमिका और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के तौर तरीकों पर विस्तार से समीक्षा की जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और वरिष्ठ नेता भी हर चरण की बैठक में मौजूद रहेंगे।

कोटा, जोधपुर और जयपुर संभाग की बैठकें आज

बैठकों का शेड्यूल तय किया गया है जिसमें सबसे पहले सुबह 10 बजे कोटा संभाग की बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 1 बजे जोधपुर संभाग की समीक्षा बैठक रखी गई है। वहीं दोपहर 3 बजे जयपुर संभाग की बैठक होगी। इन बैठकों में मंडल अध्यक्ष, संबंधित जिलाध्यक्ष और जिलों में नियुक्त प्रदेश पदाधिकारी शामिल होंगे। इससे संगठनात्मक स्तर पर सभी क्षेत्रों की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति की सीधी रिपोर्ट मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।

शुरू हो चुकी है व्यापक समीक्षा — पूरा फोकस चुनावी माहौल पर

अजमेर, बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर संभाग की बैठकें पहले ही पूरी हो चुकी हैं। वहां से मिले फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति और जिला स्तर पर संगठन की सक्रियता को और मजबूत करने की दिशा में काम जारी है। माना जा रहा है कि इन निरंतर बैठकों और फीडबैक प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निकाय और पंचायत चुनावों में सरकार व संगठन एकजुट और सक्रिय तरीके से उतरें।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading