मनीषा शर्मा। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर बाड़मेर पहुंचे और इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी राजनीति को लेकर तीखा प्रहार किया। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान शेखावत ने SIR (Special Summary Revision) अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस जिस व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, वही देश में निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदार चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संविधान में निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पूरे देश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य तेज़ी से चल रहा है और यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसे लेकर विपक्ष अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
SIR के बहाने कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी
शेखावत ने कहा कि कांग्रेस हमेशा चुनावी मौसम के अनुसार अपना स्टैंड बदलती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार चुनाव से पहले जैसे ही SIR प्रक्रिया शुरू हुई, कांग्रेस ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि चुनाव के बीच यह काम क्यों किया जा रहा है। लेकिन अब जब राजस्थान सहित 12 राज्यों में, जहां फिलहाल कोई चुनाव नहीं होने वाले हैं, मतदाता सूची सुधार का काम चल रहा है, तब भी कांग्रेस विरोध कर रही है। शेखावत ने कहा— “कांग्रेस को अपना एक स्टैंड तय करना चाहिए। कभी कहती है चुनाव से पहले मत करो, कभी कहती है चुनाव नहीं हैं तो क्यों कर रहे हो?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दशकों तक फर्जी वोटरों की बदौलत सत्ता का आनंद लेती रही है और जब से ईवीएम के जरिए पारदर्शी चुनाव शुरू हुए हैं, विपक्ष की बंटवारे की राजनीति खत्म होने लगी है।
राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब
महाराष्ट्र चुनाव के बाद राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। इस पर शेखावत ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारते ही EVM या वोटर लिस्ट को दोष देने लगती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार और आयोग स्वयं मतदाता सूची को दुरुस्त करने के काम में लगे हैं, तब कांग्रेस उसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि बिहार के परिणाम कांग्रेस के उस दावे को गलत साबित करते हैं जिसमें उन्होंने ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ने की बात कही थी कि एक व्यक्ति का नाम कई जगह मतदाता सूची में है।
“फर्जी वोटरों पर बनी कांग्रेस की राजनीति”
केंद्रीय मंत्री ने कहा— “सच यह है कि कांग्रेस ने वर्षों तक फर्जी वोटरों के आधार पर सत्ता हासिल की है। लेकिन 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजनीति की धुरी विकास और सुशासन पर आ गई है, जिससे बंटवारे की राजनीति करने वालों को जनता ने लगातार जवाब दिया है। बिहार चुनाव इसका ताजा उदाहरण है।”
राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार पर स्पष्टीकरण
राजस्थान में चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने साफ कहा कि यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेज़ी से काम कर रही है और विस्तार कब होगा, इसका निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल विस्तार पर अभी तक उनके साथ कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है।
पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव—क्या बोले शेखावत
राजस्थान के पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर भी शेखावत ने महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि— “SIR प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद पंचायत और नगर निकाय चुनाव एक साथ करवाए जाएंगे।” मतलब यह कि सरकार मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त करने के बाद ही अगला चुनाव कराने पर जोर दे रही है, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।


