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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से बदलेगा आदिवासी जीवन स्तर, चित्तौड़गढ़ के 158 गांव चयनित

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से बदलेगा आदिवासी जीवन स्तर, चित्तौड़गढ़ के 158 गांव चयनित

शोभना शर्मा।  अनुसूचित जनजाति वर्ग के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। राजस्थान में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और आदि कर्मयोगी अभियान को लागू कर दिया गया है, जिसके तहत चयनित गांवों को पूर्ण रूप से आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। योजना का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि इन गांवों के हर परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पूरी तरह पहुंचे।

6019 गांव योजना में शामिल, चित्तौड़गढ़ के 158 गांव चयनित

राज्य सरकार ने इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 30 जिलों के कुल 6019 गांवों को शामिल किया है। अकेले चित्तौड़गढ़ जिले के 7 ब्लॉकों के 158 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों का विस्तृत विलेज प्लान सरकार को भेजा जाएगा, जिसमें गांव की जरूरतों, विकास की प्राथमिकताओं और योजनाओं के क्रियान्वयन का पूरा रोडमैप शामिल होगा। सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी परिवारों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्थिति को सामान्य से ऊपर उठाकर उनके जीवन में स्थायी और गुणात्मक सुधार किया जाए।

योजना के उद्देश्य और क्रियान्वयन व्यवस्था

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, ताकि योजना को तय समय पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

योजना के मुख्य लक्ष्य निम्न हैं:

▪ प्रत्येक आदिवासी परिवार की आर्थिक व सामाजिक स्थिति का आंकलन
▪ गांव के हर घर का विस्तृत सर्वे
▪ पात्र परिवारों को केंद्र व राज्य की सभी योजनाओं से जोड़ना
▪ स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और आजीविका के अवसरों को मजबूत करना

इसके अंतर्गत परिवारों को निम्न सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा:

• आयुष्मान कार्ड
• गैस कनेक्शन
• आवास योजना
• शिक्षा और कौशल विकास
• मातृ व बाल पोषण
• जल जीवन मिशन
• घरों का विद्युतीकरण
• मत्स्य पालन व रोजगार सहायता

जिन जिलों में योजना लागू की गई

यह योजना राजस्थान के अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, जोधपुर, करौली, कोटा, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, सलूम्बर और उदयपुर जिलों में लागू की गई है। इन सभी जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पत्र भेजा गया है।

आदिवासी विकास को नई दिशा देने वाली योजना

इस अभियान का लक्ष्य केवल योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि जनजातीय परिवारों में आत्मनिर्भरता, सामाजिक सम्मान और स्थायी विकास सुनिश्चित करना है। विकास की जिन खाइयों के कारण आदिवासी परिवार अब भी गरीबी और संसाधनों की कमी का सामना करते हैं, योजना उन खाइयों को खत्म करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

अधिकारियों का कहना

जिला परिषद चित्तौड़गढ़ के एसीईओ राकेश पुरोहित ने बताया — “राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति गांवों के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और आदि कर्मयोगी अभियान लागू किया है। चयनित गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा और इसका खाका तैयार कर जल्द सरकार को भेजा जाएगा। चित्तौड़गढ़ जिले के 158 गांव इस योजना में शामिल किए गए हैं।”

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