शोभना शर्मा। गुजरात एटीएस की हाल ही में की गई कार्रवाई जिसमें तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया, उससे राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान सिर्फ आतंकियों को मदद नहीं दे रहा, बल्कि राजस्थान को हथियारों की तस्करी का प्रमुख मार्ग बनाकर बड़े स्तर पर ऑपरेशन चला रहा है। शुरुआती जांच से पता चला कि आतंकियों तक हथियारों की सप्लाई राजस्थान के हनुमानगढ़ के जरिए करवाई गई और यह खेप सीधे पाकिस्तान से भेजी गई थी।
ड्रोन के जरिए राजस्थान बन रहा नया ट्रांजिट रूट
पहले हथियार और नशे की सप्लाई मुख्य रूप से पंजाब के माध्यम से होती थी, लेकिन सुरक्षा जांचों के बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने नया रास्ता चुन लिया है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान अब ड्रोन के जरिए राजस्थान में हथियार पहुंचा रहा है। ड्रोन राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में प्रवेश कर रहे हैं, जहां तस्करी नेटवर्क इन्हें जमीन पर रिसीव कर आगे पहुंचा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ड्रोन तकनीक ने तस्करी को पहले से अधिक आसान, तेज और खतरनाक बना दिया है।
गोगामेड़ी हत्याकांड में चीन और तुर्की के हथियारों का इस्तेमाल
तस्करी नेटवर्क का एक और बड़ा खुलासा सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में सामने आया। एनआईए की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हत्या में तुर्की और चीन निर्मित हथियार इस्तेमाल किए गए थे। इससे अपराध जगत और आतंकी नेटवर्क के बीच सक्रिय गठजोड़ की तस्वीर स्पष्ट होने लगी। जांच के दौरान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने स्वीकार किया कि उसने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार मंगवाए थे। इसके बाद राजस्थान एटीएस ने ड्रोन तस्करी नेटवर्क की जांच को तेज कर दिया है।
राजस्थान में अवैध हथियार बरामदगी के बढ़ते आंकड़े
राजस्थान पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में विदेशी हथियारों की जब्ती में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। झुंझुनू, हनुमानगढ़ और धौलपुर जैसे जिलों में एके-47 से लेकर 32 बोर तक के हथियार जब्त हुए हैं।
वर्षवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
2021 — 125 मामले
2022 — 141 मामले
2023 — 150 मामले
2024 — 174 मामले
2025 — सिर्फ 10 महीनों में 300 से अधिक हथियार बरामद
इन आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि हथियारों की तस्करी लगातार बढ़ रही है और अब यह सामान्य अपराध की बजाय अंतरराष्ट्रीय रैकेट में बदल चुकी है।
नशे से हथियारों तक, अब विस्फोटकों की सप्लाई भी
खुफिया एजेंसियों का दावा है कि शुरू में पाकिस्तान ड्रोन का इस्तेमाल केवल नशे की सप्लाई के लिए करता था, लेकिन समय के साथ यह ऑपरेशन व्यापक और खतरनाक हो गया है। अब तस्करी चार स्तरों पर संचालित हो रही है —
नशा, नशा + हथियार, नशा + हथियार + नकली नोट और हथियार + नकली नोट + नशा + विस्फोटक।
दिल्ली ब्लास्ट और गुजरात आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान कनेक्शन की पुष्टि ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। सीमा पार से हो रही तस्करी और बढ़ती संगठित अपराध सक्रियता को देखते हुए राजस्थान में सतर्कता बढ़ा दी गई है।


