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अजमेर में बुलडोजर एक्शन पर व्यापारियों का बाजार बंद, देवनानी के हस्तक्षेप से मना मामला

अजमेर में बुलडोजर एक्शन पर व्यापारियों का बाजार बंद, देवनानी के हस्तक्षेप से मना मामला

शोभना शर्मा। अजमेर में शनिवार सुबह नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने उर्स मेला 2025 के मद्देनजर नला बाजार इलाके में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। सड़क और फुटपाथ पर हुए निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान दुकानों के बाहर लगे फेरो कवर और बाहरी निर्माण हटाए गए, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा हो गया।

अचानक कार्रवाई से नाराज व्यापारी, बाजार हुआ बंद

स्थानीय व्यापारियों ने अचानक तोड़फोड़ का विरोध किया और आरोप लगाया कि नगर निगम ने बिना किसी पूर्व सूचना के अभियान चलाया। व्यापारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं और आर्थिक नुकसान हुआ। विरोध के रूप में पूरे नला बाजार को बंद करने का निर्णय लिया गया और व्यापारियों ने सामूहिक रूप से दुकानें बंद कर दीं।

व्यापारियों की शिकायतें और बढ़ता आक्रोश

व्यापारियों ने कहा कि नालियों पर लगे फेरो कवर और सड़क किनारे बने छोटे चबूतरों को बिना चेतावनी तोड़ना गलत है। उनका कहना था कि अगर प्रशासन पहले सूचित करता, तो वे स्वेच्छा से चीजें हटाने को तैयार थे। बढ़ते तनाव के बीच लोगों की भीड़ जमा होने लगी और स्थिति बिगड़ते देख प्रशासनिक चिंता बढ़ी।

देवनानी के हस्तक्षेप से शुरू हुआ समाधान प्रयास

व्यापारियों ने स्थिति की सूचना अजमेर नॉर्थ के विधायक और राजस्थान विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी को फोन पर दी। शिकायत सुनते ही देवनानी ने तुरंत नगर निगम अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर कीर्ति कुमावत, अतिक्रमण इंचार्ज श्वेता चौधरी और रेवेन्यू ऑफिसर नीलू गुर्जर मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों और व्यापारियों में वार्ता, हाथ जोड़कर शांत कराने की कोशिश

अधिकारियों ने मौके पर व्यापारियों से बातचीत शुरू की। चर्चा के दौरान मतभेद और आक्रोश बढ़ने पर रेवेन्यू ऑफिसर नीलू गुर्जर व्यापारियों के सामने हाथ जोड़कर माहौल शांत रखने का अनुरोध करती भी नजर आईं। प्रशासन का कहना था कि कार्रवाई का उद्देश्य उर्स मेले भीड़ प्रबंधन से जुड़े लोगों की सुविधा सुनिश्चित करना था।

तीन मुख्य मांगों पर बनी सहमति

काफी चर्चाओं के बाद अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सहमति बनी। फैसले इस प्रकार रहे:

  1. कार्रवाई के दौरान टूटे फेरो कवर नगर निगम अपने खर्चे पर दोबारा लगाएगा।

  2. नालियों के ऊपर बने लगभग 2 फीट ऊंचे चबूतरे नहीं तोड़े जाएंगे।

  3. नालियों की सफाई के लिए बनाए गए चैंबर यथावत रहेंगे और उन्हें हटाया नहीं जाएगा।

बाजार धीरे-धीरे खुला, स्थिति सामान्य हुई

सहमति बनने के बाद नला बाजार अध्यक्ष राजेश चौरसिया और हीरालाल जिंगर ने व्यापारियों से बाजार खोलने की अपील की। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें खोलना शुरू किया और कुछ घंटों के भीतर पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई। हालांकि व्यापारियों ने भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले स्पष्ट सूचना देने की मांग पर जोर दिया।

प्रशासन का पक्ष — भीड़ प्रबंधन के लिए कार्रवाई जरूरी

प्रशासन की ओर से बताया गया कि उर्स मेला में देश-विदेश से लाखों जायरीन आते हैं और संकरी सड़कों व अतिक्रमण के कारण आपात स्थिति में बड़ा जोखिम बना रहता है। इसलिए पैदल मार्ग और सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।

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