शोभना शर्मा। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank पर बड़ा दंडात्मक कदम उठाते हुए 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, यह कार्रवाई बैंक द्वारा नियमों के पालन में गंभीर कमियों पाए जाने पर की गई है। RBI का कहना है कि बैंक में KYC नियमों से लेकर ब्याज दर निर्धारण और आउटसोर्सिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों के उल्लंघन सामने आए, जो बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की भावना के विरुद्ध है।
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना किसी ग्राहक लेन-देन की वैधता या बैंक की वित्तीय स्थिति से संबंधित नहीं है, बल्कि रेगुलेटरी और स्टैच्यूटरी निर्देशों का पालन न करने पर लगाया गया है। इस कार्रवाई को बैंकिंग क्षेत्र में कठोर संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि नियम-कानूनों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
HDFC Bank से कहां हुई बड़ी चूक?
RBI के अनुसार सबसे गंभीर मामला Know Your Customer (KYC) कंप्लायंस से संबंधित पाया गया। банк ने ग्राहक पहचान से जुड़े संवेदनशील काम को आउटसोर्स कर दिया, जबकि नियमों के अनुसार इस प्रकार के महत्वपूर्ण कार्यों की पूरी जिम्मेदारी बैंक की ही होती है। बैंक चाहे एजेंट नियुक्त करे या किसी बाहरी संस्था की सेवा ले, अंतिम जवाबदेही बैंक से ही निर्धारित होती है। लेकिन जांच में पाया गया कि HDFC Bank ने आउटसोर्सिंग एजेंटों की गतिविधियों पर अपेक्षित निगरानी और नियंत्रण नहीं रखा।
इसके अलावा HDFC Bank में ब्याज दर निर्धारण की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं पाई गईं। किसी एक ही श्रेणी के लोन पर कई अलग-अलग बेंचमार्क अपनाए गए, जिससे पारदर्शिता और एकरूपता भंग हुई। RBI के नियमों के अनुसार सभी ग्राहकों के लिए समान आधार पर ब्याज दर तय की जानी चाहिए, लेकिन बैंक इस मानक पर खरा नहीं उतरा।
RBI निरीक्षण में सामने आई और भी खामियां
HDFC Bank की वित्तीय स्थिति (31 मार्च 2024 तक) के आधार पर Statutory Inspection for Supervisory Evaluation (ISE) के दौरान कई कमियां सामने आईं। पाया गया कि बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सब्सिडियरी ऐसे व्यवसाय में संलग्न थी जो Banking Regulation Act के तहत बैंक के लिए अनुमत नहीं है। इसे भी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया।
निरीक्षण निष्कर्षों के आधार पर बैंक को नोटिस जारी किया गया और जवाब मांगा गया। हालांकि बैंक की ओर से दस्तावेज और स्पष्टीकरण दिए गए, लेकिन RBI उन्हें संतोषजनक मानने के लिए पर्याप्त नहीं पाया। इसके बाद जुर्माने का आदेश जारी किया गया।
कस्टमर पर असर पड़ेगा या नहीं?
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई नियमों का पालन न करने पर की गई है और इसका असर ग्राहकों के खातों, लेन-देन, जमा, ऋण या बैंकिंग सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। किसी भी ग्राहक की ट्रांजैक्शन की वैधता पर सवाल नहीं उठाया गया है। यह दंड केवल कम्प्लायंस संबंधी कमियों के कारण लगाया गया है। साथ ही RBI ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर भविष्य में और नियामकीय कदम भी संभव हैं।
एक और NBFC पर भी RBI की कार्रवाई
RBI ने अपने अलग आदेश में Mannakrishna Investments पर भी Master Direction – NBFC Scale Based Regulation 2023 के उल्लंघन के मामले में 3.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह उल्लंघन मुख्य रूप से गवर्नेंस और नियमों के पालन से जुड़ा था। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि चाहे बैंक हो या NBFC, नियमों का उल्लंघन किसी भी संस्था के लिए महंगा पड़ेगा।


