शोभना शर्मा। राजस्थान में सड़क नेटवर्क और राष्ट्रीय राजमार्ग संरचना को मजबूती देने के उद्देश्य से राज्य सरकार अब ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को तेजी देने जा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एनएचएआई कार्य समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में न सिर्फ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी, जिससे विकास की गति और तेजी से आगे बढ़ेगी।
बैठक के दौरान एनएचएआई अधिकारियों ने राज्य में वर्तमान में चल रही सड़कों और प्रस्तावित परियोजनाओं की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसमें जयपुर-ब्यावर-पचपदरा, जयपुर-किशनगढ़, चितौड़गढ़ बायपास तथा अलवर-भरतपुर-आगरा सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी शामिल थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर शहर की यातायात समस्याओं का उल्लेख करते हुए रिंग रोड के उत्तरी हिस्से का निर्माण शीघ्र शुरू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने जिला कलेक्टर, जयपुर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सार्वजनिक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से जयपुर से जुड़े प्रमुख सड़क नेटवर्क के पास लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस और गोदाम विकसित करने संबंधी तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने 200 फीट चौराहे पर एनएचएआई द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों को भी तुरंत प्रारंभ करने की बात कही।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्थान में कुल 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं। इनमें से जयपुर-पचपदरा और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रारंभ में राज्य सरकार द्वारा किया जाना था, लेकिन बाद में यह जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंप दी गई। मुख्यमंत्री ने एनएचएआई को इन दोनों परियोजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर तेजी से भूमि अधिग्रहण शुरू करने के निर्देश जारी किए।
राज्य में बनने वाले 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे में कोटपूतली-किशनगढ़, जयपुर-किशनगढ़-पचपदरा, जयपुर-भीलवाड़ा, बीकानेर-कोटपूतली, ब्यावर-भरतपुर, जालोर-झालावाड़, अजमेर-बांसवाड़ा, जयपुर-फलोदी और श्रीगंगानगर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजस्थान के विभिन्न जिलों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा दिल्ली-मुंबई और अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर से कनेक्टिविटी भी और अधिक मजबूत होगी।
राज्य सरकार का मानना है कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे न केवल निवेश के अवसर बढ़ाएंगे बल्कि पर्यटन और माल ढुलाई तंत्र को भी नई गति देंगे। खासतौर पर जयपुर, बीकानेर, जालोर, श्रीगंगानगर, पचपदरा, अजमेर और बांसवाड़ा जैसे क्षेत्रों में आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सड़क नेटवर्क एक महत्वपूर्ण आधार है। बेहतर कनेक्टिविटी और एक्सप्रेस-वे इंफ्रास्ट्रक्चर राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार तथा एनएचएआई का संयुक्त प्रयास राजस्थान को सड़क आधारभूत संरचना के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में मदद करेगा।


