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RPSC में वाणिज्य संकाय के इंटरव्यू में देरी पर अभ्यर्थियों का विरोध

RPSC में वाणिज्य संकाय के इंटरव्यू में देरी पर अभ्यर्थियों का विरोध

शोभना शर्मा, अजमेर। बुधवार को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के बाहर वाणिज्य संकाय — एबीएसटी (ABST), BADM और EAFM के अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू प्रक्रिया में हो रही लगातार देरी के विरोध में प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि सहायक प्रोफेसर भर्ती 2023 के तहत जारी चयन प्रक्रिया में अन्य संकायों के इंटरव्यू लंबे समय पहले ही संपन्न हो चुके हैं और कई उम्मीदवारों को नियुक्ति भी मिले एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है। इसके बावजूद वाणिज्य संकाय के उम्मीदवार आज भी इंटरव्यू की तारीखों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता पैदा हो गई है।

अभ्यर्थियों के अनुसार मई 2024 में लिखित परीक्षा और फरवरी 2025 में पहले परिणाम जारी होने के बावजूद अब तक इंटरव्यू शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है। आयोग के सूचना पोर्टल पर महीनों से कोई अपडेट नहीं मिलने के कारण विद्यार्थी भ्रम और तनाव की स्थिति में हैं। खासतौर पर पीएचडी धारक, NET/SET क्वालीफाइड और वर्षों की तैयारी के बाद चयन की उम्मीद कर रहे उम्मीदवार इस देरी से मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने लगाया सौतेले व्यवहार का आरोप

प्रदर्शन के दौरान उपस्थित अभ्यर्थियों ने कहा कि RPSC कला और विज्ञान संकाय की तुलना में वाणिज्य विषयों को लगातार पीछे धकेल रहा है, जबकि तीनों संकायों की भर्ती एक ही विज्ञापन और एक ही चयन प्रक्रिया के तहत जारी की गई थी। उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि RPSC नई भर्ती प्रक्रियाओं जैसे RSS 2024 को प्राथमिकता देकर वाणिज्य विषयों को बार-बार नजरअंदाज कर रहा है। अभ्यर्थियों ने इसे आयोग का स्पष्ट पूर्वाग्रह बताया और कहा कि वाणिज्य संकाय की उपेक्षा न केवल भर्ती प्रक्रिया को धीमा कर रही है, बल्कि हजारों युवाओं के करियर, भविष्य की योजनाओं और सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

अभ्यर्थियों के अनुसार चयन प्रक्रिया का अत्यधिक लंबा होना नौकरी के अवसरों, शोध कार्य, निजी रोजगार विकल्पों और आर्थिक स्थिरता को भी प्रभावित करता है। कई बेरोजगार उम्मीदवारों ने बताया कि चयन में देरी होने से वे निजी और सरकारी दोनों अवसरों से वंचित हो रहे हैं।

आयोग सचिव को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग

विरोध प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों ने RPSC सचिव को ज्ञापन सौंपकर इंटरव्यू प्रक्रिया तुरंत शुरू करने और देर से हो रहे संचालन पर स्पष्ट टाइमलाइन जारी करने की मांग की। अभ्यर्थियों ने आग्रह किया कि वाणिज्य संकाय के लिए इंटरव्यू पैनलों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि इंटरव्यू तेजी से पूरे हो सकें और सभी चयनित उम्मीदवारों को एक समान अवसर मिल सके।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया तो उनके पास आंदोलन को और व्यापक करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि देरी से उत्पन्न असंतोष लगातार बढ़ रहा है और सरकार व आयोग को इस संवेदनशील स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबी प्रतीक्षा युवाओं को आर्थिक संकट, तनाव और करियर अनिश्चितता की ओर धकेल रही है, इसलिए इंटरव्यू शेड्यूल जारी करना तत्काल प्राथमिकता होना चाहिए।

कैरियर और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार भर्ती में अनिश्चितता और विलंब युवाओं में मानसिक दबाव, चिंता और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ावा देता है। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि वर्षों की तैयारी, कोचिंग और शोध कार्य के बाद चयन की स्थिति साफ न होने से वे मानसिक रूप से टूटने लगे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि उच्च शिक्षित युवाओं का मनोबल गिरना न केवल व्यक्तिगत नुकसान है, बल्कि शैक्षणिक प्रणाली के लिए भी हानिकारक है।

अभ्यर्थियों की उम्मीद — जल्द हो समाधान

प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने उम्मीद जताई कि RPSC अब वाणिज्य संकाय के प्रति अपने रवैये में बदलाव लाएगा और इंटरव्यू शेड्यूल जल्द घोषित करेगा। अभ्यर्थियों ने कहा कि उद्देश्य संघर्ष नहीं, बल्कि समय पर न्याय प्राप्त करना है, ताकि चयन प्रक्रिया के बाद वे शिक्षण क्षेत्र में अपना भविष्य सुरक्षित कर सकें।

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