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श्री सांवलिया सेठ मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा: भंडार कक्ष से अब तक 36 करोड़ से अधिक नकदी निकली

श्री सांवलिया सेठ मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा: भंडार कक्ष से अब तक 36 करोड़ से अधिक नकदी निकली

शोभना शर्मा। चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार कारण भक्ति का अनोखा स्वरूप और श्रद्धालुओं की अद्वितीय आस्था है, जिसने मंदिर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा दान रिकॉर्ड बना दिया है। दीपावली के दो महीने बाद खोले गए भंडार कक्ष की गिनती के चौथे चरण तक मंदिर भंडार से 36 करोड़ 13 लाख 60 हजार रुपए की नकदी प्राप्त हो चुकी है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और इससे पहले इतने बड़े स्तर की दान राशि कभी दर्ज नहीं हुई थी। चढ़ावे की गिनती अभी जारी है, ऐसे में आंकड़ा और बढ़ने की पूरी संभावना है।

भंडार कक्ष खुला और बना नया इतिहास

श्री सांवलिया सेठ मंदिर में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का चढ़ावा आता है, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। मंदिर में सामान्यतः हर महीने अमावस्या से एक दिन पहले यानी चौदस को भंडार कक्ष खोला जाता है और चढ़ावे की गिनती शुरू होती है। लेकिन पिछली बार कुछ कारणों से भंडार नहीं खोला जा सका। इसी देरी के कारण इस बार दीपावली के लगभग दो महीने बाद 19 नवंबर को जब भंडार खोला गया, तो उसमें दान राशि अभूतपूर्व रूप से बढ़ी हुई मिली और मंदिर की इतिहास रचने वाली तस्वीर सामने आई।

चार चरणों की गिनती पूरी होने तक भंडार कक्ष से 36 करोड़ 13 लाख 60 हजार रुपए की नकदी निकाल ली गई है। यह आंकड़ा मंदिर के पुराने सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ चुका है। मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतिम आंकड़ा और बड़ा हो सकता है, क्योंकि अभी गिनती रुकने वाली नहीं है।

गिनती में जुटे 200 कर्मचारी, सुरक्षा में कोई कमी नहीं

इतनी बड़ी राशि की गिनती को व्यवस्थित रूप से पूरा करने के लिए इस बार मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पहले दान की गिनती मंदिर के चैक क्षेत्र में होती थी, लेकिन रिकॉर्ड चढ़ावा देखते हुए पहली बार गिनती के लिए सत्संग भवन को चुना गया है। विस्तृत स्थान और समुचित अनुशासन से काम को तेज गति देने के लिए यह व्यवस्था की गई है।

गिनती प्रक्रिया में कुल 200 कर्मचारी शामिल किए गए हैं, जो दिन-रात तीन शिफ्टों में कार्य कर रहे हैं। नकदी के साथ-साथ सोने-चांदी के जेवरात और विदेशी मुद्रा भी गिनी जा रही है। सुरक्षा को अत्यधिक प्राथमिकता देते हुए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों और मैन्युअल कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रत्येक बंडल की गणना और रिकॉर्ड सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की तरफ से क्रॉस-वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है।

विदेशी मुद्रा और कीमती धातुएं भी शामिल

चढ़ावे में बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा सोने और चांदी के आभूषण भी शामिल मिले हैं। इसके साथ विदेशी श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाती विदेशी मुद्रा भी भंडार में पाई गई है। प्रत्येक आइटम को श्रेणीबद्ध कर सूचीबद्ध किया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि गिनती पूरी होने के बाद कुल राशि, धातु और विदेशी मुद्रा का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा।

आस्था से भरा सांवलिया सेठ का मंदिर

श्री सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी चमत्कारिक मान्यताओं और श्रद्धा के कारण प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां मनोकामना रखने वाले श्रद्धालुओं की इच्छा अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के चलते देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु सालभर यहां पहुंचते हैं। व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं के बीच श्री सांवलिया सेठ को “धन-समृद्धि के दाता” के रूप में पूजने की मान्यता प्रचलित है। मंदिर की आय का बड़ा हिस्सा प्रदेश में सामाजिक योजनाओं, अस्पतालों, छात्रावासों और अन्य कल्याणकारी कार्यों में खर्च किया जाता है। इस कारण मंदिर की दान राशि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ती है।

भक्ति, विश्वास और रिकॉर्ड का संगम

36 करोड़ से अधिक की राशि न केवल श्रद्धालुओं की भक्ति दर्शाती है, बल्कि सांवलिया सेठ मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और जनविश्वास का प्रतीक भी है। चढ़ावा जारी रहने के कारण अंतिम राशि कितनी पहुंचेगी, इस पर सभी की नजर है। मंदिर परिसर में वातावरण अत्यंत श्रद्धामय है और भंडार गिनती की सूचनाएं प्रदेशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

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