शोभना शर्मा। राजस्थान में संगठन सृजन अभियान के तहत घोषित किए गए 45 नए जिलाध्यक्षों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रविवार को महत्वपूर्ण बयान दिया। कांग्रेस वार रूम में नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है।
डोटासरा का कहना था कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति योग्यता, संगठनात्मक सक्रियता और स्थानीय नेतृत्व क्षमता को ध्यान में रखकर ही की गई है। यह नियुक्तियां आने वाले समय में राजस्थान कांग्रेस की जमीनी मजबूती को निर्धारित करेंगी।
दिल्ली में लगेगा प्रशिक्षण शिविर, राहुल गांधी करेंगे संवाद
डोटासरा ने बताया कि सभी 45 जिलाध्यक्षों के लिए जल्द ही दिल्ली में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे। सभी नए जिलाध्यक्षों को पार्टी की वैचारिक दिशा, संगठनात्मक ढांचे और आगामी राजनीतिक रणनीति की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिलाध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें संगठन को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
राजस्थान में भी सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
दिल्ली के प्रशिक्षण शिविर के बाद राजस्थान में भी सात दिन का एक विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसमें जिला इकाइयों की संरचना, कार्यकारिणी गठन, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क रणनीति और संगठन विस्तार पर विस्तृत चर्चा होगी।
डोटासरा ने कहा कि यह प्रशिक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संगठन का असली काम जिलों और बूथ स्तर पर होता है, और मजबूत नेतृत्व से ही पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी।
छह महीने बाद होगी जिलाध्यक्षों की समीक्षा
डोटासरा ने स्पष्ट किया कि संगठन में जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी नए जिलाध्यक्षों के कार्यों की छह महीने बाद समीक्षा की जाएगी। यदि कोई पदाधिकारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है या संगठनात्मक काम में ढिलाई दिखाता है, तो पार्टी हाईकमान बिना हिचक नए नेतृत्व की नियुक्ति का फैसला ले सकता है। राजस्थान कांग्रेस के अनुसार, यह प्रक्रिया संगठन की मजबूती और कार्यशैली में अनुशासन लाने के लिए आवश्यक है।
50 जिलों में हुआ संगठनात्मक ढांचा तैयार
उन्होंने बताया कि संगठनात्मक रूप से राजस्थान में कुल 50 जिले बनाए गए हैं। अंता उपचुनाव के कारण झालावाड़ और बारां में जिलाध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, जबकि तीन अन्य जिलों में भी स्थिति जल्द स्पष्ट की जाएगी। डोटासरा ने कहा कि जल्द ही पूरे प्रदेश में संगठनात्मक ढांचा पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा।
बीजेपी सरकार पर डोटासरा का हमला
प्रेस वार्ता के दौरान डोटासरा ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूरी तरह दिशाहीन है और प्रशासन में तालमेल की कमी साफ नजर आती है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस समर्थक वोटों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। डोटासरा के अनुसार, अंता उपचुनाव का नतीजा जनता की नाराजगी का प्रमाण है और इससे साबित होता है कि लोग सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं।
सरकार में खींचतान को बताया नाकामी
डोटासरा ने मंत्रियों और अधिकारियों के बीच बढ़ती खींचतान को सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि ऐसे हालात में प्रदेश का विकास प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इन मुद्दों को मजबूती से जनता के बीच रखेंगे, ताकि वास्तविक समस्याओं की आवाज मजबूत होकर सामने आए।
जिलाध्यक्षों ने जताया भरोसा
मुलाकात के दौरान कई नवनियुक्त जिलाध्यक्षों ने डोटासरा से मार्गदर्शन प्राप्त किया और कहा कि वे संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।


