मनीषा शर्मा। राजस्थान सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को बड़ी राहत देने वाला एक अहम निर्णय मिला है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत अब फार्म पॉण्ड श्रेणी में टांका निर्माण की अनुमति केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दे दी है। यह निर्णय विशेष रूप से राजस्थान के रेगिस्तानी एवं जल संकट से जूझ रहे जिलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पिछले महीने दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए टांका निर्माण के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों, खासकर मरुस्थलीय इलाकों में टांका सदियों से जल संरक्षण का सबसे विश्वसनीय साधन रहा है। यह न केवल वर्षा जल को संरक्षित करता है, बल्कि सीमित जल संसाधनों वाले इलाकों में किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने में भी बेहद उपयोगी है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने केंद्र से आग्रह किया था कि निजी कृषि भूमि पर पूर्व की तरह टांका निर्माण की अनुमति बहाल की जाए, ताकि किसान मनरेगा के माध्यम से कम लागत में यह संरचना बनवा सकें। उनके अनुसार, टांका एक ऐसी पारंपरिक जल संरचना है जो जल सुरक्षा को मजबूत करती है, बदली जलवायु स्थितियों से निपटने में मदद करती है और कृषि उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह आर्थिक रूप से सस्ता, टिकाऊ और हर किसान की पहुंच में आने वाला विकल्प है।
केंद्र सरकार ने इस अनुरोध पर सकारात्मक रुख अपनाया और अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार को आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित किया है कि मनरेगा दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए फार्म पॉण्ड निर्माण पहले से ही अनुमत कार्य है। इसी श्रेणी में अब टांका निर्माण को भी शामिल किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि निर्धारित नियमों के तहत अब किसान अपनी निजी कृषि भूमि पर मनरेगा के माध्यम से टांका बनवा सकेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्र सरकार के इस फैसले के लिए आभार जताया और कहा कि यह निर्णय राज्य के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की डबल इंजन सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिनका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनकी आजीविका को सुरक्षित करना और कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण राजस्थान जैसे राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। मनरेगा के माध्यम से टांका निर्माण फिर से शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण की परंपरा को नई गति मिलेगी और किसान सिंचाई के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर होने के बजाय स्वयं पर्याप्त जल संरक्षित कर सकेंगे। इससे फसल उत्पादन में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी।


