राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से हलचल मच गई है। राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के ताजा बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। मीणा ने संकेत दिए हैं कि वे 2026 में मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, क्योंकि उन्हें पद का कोई मोह नहीं है और वे चाहते हैं कि अब युवाओं को नेतृत्व के अवसर मिलें।
किरोड़ी लाल मीणा का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें पहले से ही चल रही हैं। अंता उपचुनाव के बाद संभावित बदलाव को लेकर भाजपा में अंदरखाने कई नामों की चर्चा जोरों पर है।
‘मुझे मंत्री पद पर बने रहने की लालसा नहीं’ — किरोड़ी मीणा
मीडिया से बातचीत में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, “मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। इसमें मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है। पार्टी आलाकमान जो निर्णय करेगा, वो मंज़ूर होगा। नए लोगों, खास तौर पर युवाओं को अवसर मिलना चाहिए।”
उन्होंने साफ कहा कि वे अपने विभाग के कार्यों को युद्धस्तर पर आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन उन्हें मंत्री पद पर बने रहने की कोई निजी इच्छा नहीं है। किरोड़ी मीणा ने कहा कि वे पद के मोह से दूर हैं और हमेशा संगठन के हित में निर्णय स्वीकार करेंगे।
‘अगले साल 75 का हो जाऊंगा, पार्टी के नियम लागू होंगे’
किरोड़ी लाल मीणा ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि उनकी उम्र अब पार्टी की नीति के दायरे में आ रही है। उन्होंने कहा, “अगले साल मैं 75 साल का हो जाऊंगा। हो सकता है पार्टी के नियमों के अनुसार मुझे मंत्री पद छोड़ना पड़े।”
यह बयान सीधे तौर पर भाजपा की उस नीति से जुड़ा है, जिसके तहत 75 वर्ष की आयु के बाद वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय पदों से हटाकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी जाती हैं।
राजस्थान में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
मीणा का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया दिल्ली दौरे और भाजपा नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा फिर तेज हो गई थी। माना जा रहा है कि अंता उपचुनाव के नतीजे के बाद सरकार नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय ले सकती है।


