शोभना शर्मा। राजस्थान की चर्चित अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन है। इस मौके पर सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरी शक्ति के साथ चुनावी रणभूमि में उतरने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को अंता कस्बे में रोड शो कर प्रचार की कमान संभाली।
इस रोड शो में उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, सांसद दुष्यंत सिंह और भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन मौजूद रहे। सभी नेता विशेष रथ पर सवार होकर अंता की सड़कों पर मतदाताओं से समर्थन की अपील करते दिखाई दिए।
भव्य स्वागत और जोशीला माहौल
रोड शो की शुरुआत अजीतपुरा बालाजी मंदिर से हुई और यह सीएडी चौराहा होते हुए ब्रह्मपुरी बालाजी तिराहा तक पहुंचा। पूरे मार्ग पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने दर्जनों स्वागत द्वार बनाकर नेताओं का स्वागत किया। स्थान-स्थान पर पुष्पवर्षा की गई और नारेबाजी के बीच माहौल पूरी तरह चुनावी जोश से सराबोर नजर आया।
स्थानीय संगठन ने इस रोड शो को लेकर कई दिनों से तैयारियां की थीं। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के मद्देनजर प्रशासन ने भी विशेष व्यवस्था की। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए कृषि उपज मंडी समिति परिसर में अस्थायी हेलीपैड बनाया गया, जहां से वे सीधे रोड शो स्थल पर पहुंचे।
चुनावी माहौल में आखिरी दांव
भाजपा ने इससे पहले भी 6 नवंबर को अंता में एक संयुक्त रोड शो आयोजित किया था, जिसमें मुख्यमंत्री शर्मा और वसुंधरा राजे ने साथ मिलकर जनसमर्थन जुटाया था। आज का यह रोड शो चुनाव प्रचार का अंतिम चरण माना जा रहा है, क्योंकि शाम 6 बजे के बाद प्रचार समाप्त हो जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और जनकल्याण की राजनीति करती है। उन्होंने जनता से मोरपाल सुमन को जिताने की अपील करते हुए कहा कि अंता की जनता इस बार फिर विकास के पक्ष में मतदान करेगी।
मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस में
अंता उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय नरेश मीणा से है। यह सीट भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होने के बाद खाली हुई थी। मीणा को वर्ष 2005 के एक पुराने मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसके चलते उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई।
मतदान 11 नवंबर को, नतीजे 14 नवंबर को
चुनाव आयोग के अनुसार, अंता सीट पर मतदान 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। चुनावी समर के अंतिम दिन भाजपा ने अपने शीर्ष नेताओं के साथ जनसमर्थन जुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, वहीं कांग्रेस भी प्रमोद भाया के समर्थन में प्रचार में सक्रिय रही।
अंता का यह उपचुनाव प्रदेश की सियासत में प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा जहां अपनी जीत को प्रदेश सरकार की लोकप्रियता से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनता के असंतोष का प्रतीक बताने में जुटी है। अब नजरें 11 नवंबर की वोटिंग पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि अंता की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है।


