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प्रताप सिंह खाचरियावास: भाजपा वाले वंदे मातरम गा कर सुनाए

प्रताप सिंह खाचरियावास: भाजपा वाले वंदे मातरम गा कर सुनाए

मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में वंदे मातरम गीत को लेकर नया विवाद सामने आया है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा नेताओं को खुली चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा के लोग खुद वंदे मातरम नहीं गाते, फिर कांग्रेस पर आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम कांग्रेस का है और कांग्रेस के कार्यालयों में हर कार्यक्रम से पहले यह गीत गाया जाता है।

खाचरियावास ने कहा कि “भाजपा के नेता दूसरों पर राष्ट्रभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने में आगे रहते हैं, लेकिन खुद अपने दफ्तरों में वंदे मातरम नहीं गाते। मैं उन्हें चैलेंज करता हूं कि भाजपा नेता अपने कार्यालयों में वंदे मातरम गा कर दिखाएं। वे ऐसा कर ही नहीं सकते।”

“वंदे मातरम तो कांग्रेस का है”

खाचरियावास ने कहा कि वंदे मातरम कांग्रेस की परंपरा से जुड़ा गीत है, जिसे आजादी के आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपनाया था। उन्होंने कहा कि भाजपा अब उसी गीत पर राजनीति कर रही है। “हमारे हर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम से होती है। यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। भाजपा को पहले अपने अंदर झांकना चाहिए कि क्या वे सच में इस गीत का सम्मान करते हैं?”

बच्ची की सुसाइड पर कार्रवाई की मांग

भाजपा नेताओं पर पलटवार के साथ ही खाचरियावास ने जयपुर के एक स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले में भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “जयपुर के स्कूल में एक बच्ची ने सुसाइड कर ली, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि प्रदेश में स्कूलों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। “शिक्षा मंत्री को छत गिरने और बच्चों की मौत जैसी घटनाओं की चिंता करनी चाहिए, न कि वंदे मातरम जैसे मुद्दों पर राजनीति करनी चाहिए,” खाचरियावास ने कहा।

मदन दिलावर ने डोटासरा पर साधा था निशाना

दरअसल, इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के वंदे मातरम पर दिए गए बयान पर पलटवार किया। दिलावर ने कहा था कि “डोटासरा में वंदे मातरम के प्रति कोई श्रद्धा भाव नहीं है। अगर उनमें वंदे मातरम के प्रति सच्ची श्रद्धा होती, तो वे इस गीत का विरोध नहीं करते।”

दिलावर ने आगे कहा कि डोटासरा के इस रवैये से यह स्पष्ट है कि उनमें राष्ट्रीयता के मूल्य नहीं हैं। उन्होंने वंदे मातरम को भारत माता की वंदना और देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि “जो इस गीत का सम्मान नहीं करता, वह राष्ट्रभाव से दूर है।”

कांग्रेस और भाजपा के बीच नया राजनीतिक टकराव

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच यह नया राजनीतिक टकराव राजस्थान में सियासत को फिर गर्मा गया है। एक ओर भाजपा कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस नेता भाजपा को ही राष्ट्रभक्ति का दिखावा करने वाला करार दे रहे हैं।

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